फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट: आरोपों पर पूछताछ के बिना कर्मी को नहीं किया जा सकता पदावनत

Wed, 22 Dec 2021 12:03 PM IST
करिश्मा चिब अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

हाईकोर्ट ने कहा, आरोपपत्र में आरोपों की जांच पड़ताल का कोई जिक्र नहीं। कश्मीर मरकेंटाइल कोऑपरेटिव बैंक कर्मी की याचिका पर कोर्ट की व्यवस्था।
 
विज्ञापन
हाईकोर्ट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा है कि बिना पूछताछ के किसी भी कर्मचारी की पदावनति नहीं की जा सकती। कश्मीर मरकेंटाइल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के एक कर्मचारी की याचिका की सुनवाई में न्यायाधीश संजय धर ने कहा कि बैंक सरकार के अधीन है। लिहाजा अनुच्छेद 12 के तहत बैंक भी बाध्य है।

विज्ञापन


कर्मचारी को निलंबित किया गया है तो उसे आरोपों की पूरी जानकारी देनी होगी। किसी नतीजे पर पहुंचने से पूर्व मामले में पूछताछ करना भी जरूरी है, ताकि पता चल सके कि आरोप सही भी हैं या नहीं। इस मामले में याचिकाकर्ता को बैंक में सहायक प्रबंधक पद से कैशियर-क्लर्क के पद पर पदावनत कर दिया गया था।

यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की अभूतपूर्व क्षमता, प्रदेश में 139 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि आरोपपत्र में दूर-दूर तक यह साबित नहीं होता कि मामले में किसी तरह की जांच व पूछताछ की गई है। कर्मचारी को पेनल्टी लगाने से पूर्व न्यूनतम प्रक्रिया को अपनाया जाना चाहिए था। बैंक की ओर से कहा गया था कि वह बैंक सरकार के अधीन नहीं आता, जबकि कोर्ट ने पाया कि बारामुला जिला उपायुक्त बैंक के सीईओ/चेयरमैन हैं और रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी अपीलीय प्राधिकारी हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें