जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा है कि बिना पूछताछ के किसी भी कर्मचारी की पदावनति नहीं की जा सकती। कश्मीर मरकेंटाइल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के एक कर्मचारी की याचिका की सुनवाई में न्यायाधीश संजय धर ने कहा कि बैंक सरकार के अधीन है। लिहाजा अनुच्छेद 12 के तहत बैंक भी बाध्य है।
कर्मचारी को निलंबित किया गया है तो उसे आरोपों की पूरी जानकारी देनी होगी। किसी नतीजे पर पहुंचने से पूर्व मामले में पूछताछ करना भी जरूरी है, ताकि पता चल सके कि आरोप सही भी हैं या नहीं। इस मामले में याचिकाकर्ता को बैंक में सहायक प्रबंधक पद से कैशियर-क्लर्क के पद पर पदावनत कर दिया गया था।
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कोर्ट ने कहा कि आरोपपत्र में दूर-दूर तक यह साबित नहीं होता कि मामले में किसी तरह की जांच व पूछताछ की गई है। कर्मचारी को पेनल्टी लगाने से पूर्व न्यूनतम प्रक्रिया को अपनाया जाना चाहिए था। बैंक की ओर से कहा गया था कि वह बैंक सरकार के अधीन नहीं आता, जबकि कोर्ट ने पाया कि बारामुला जिला उपायुक्त बैंक के सीईओ/चेयरमैन हैं और रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी अपीलीय प्राधिकारी हैं।