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जम्मू कश्मीर: बीते साल नवंबर तक 742 लोगों ने हादसों में गंवाई जान, प्रदेश में बनेगी सड़क सुरक्षा योजना

Tue, 31 Jan 2023 10:51 AM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जिला सड़क सुरक्षा समिति में पहली बार अभियंता अधीक्षक व अधिशासी अभियंता को स्टेट हाइवे और जिले की प्रमुख सड़कों का प्रशासक नियुक्ति किया है। इससे जमीनी स्तर पर सड़क सुरक्षा से प्रबंधों की जमीनी स्तर पर निगरानी होगी।
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Jammu Kashmir - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में बढ़ते सड़क हादसों की रोकथाम और जिला स्तर पर सड़क सुरक्षा परिषद के फैसलों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रदेश परिवहन विभाग ने जिला सड़क सुरक्षा समिति का पुनर्गठन किया है। 12 सदस्यीय समिति में क्षेत्रीय कार्यालय मोरथ के सदस्य, परियोजना निदेशक एनएचआई के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग के अभियंता अधीक्षक व अधिशासी अभियंता को जिले में स्टेट हाइवे और प्रमुख सड़कों का प्रशासक नियुक्ति किया है।

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12 सदस्यीय समिति को 16 विभिन्न बिंदुओं पर काम करना होगा, ताकि प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों में कमी की जा सके। जिला समिति का अध्यक्ष डीसी होगा, जबकि इसमें दस सदस्य और एक प्रशासक सदस्य सचिव होगा। जिला समिति सड़क दुर्घटना की समय-समय पर समीक्षा, सड़क सुरक्षा परिषद द्वारा लिए फैसलों के कार्यान्वयन के साथ तय किए लक्ष्य को पूरा करेगी। जिला सड़क सुरक्षा योजना बनाएगी। जिले में आपातकालीन चिकित्सा योजना बनाएगी। जिले में ब्लैक सपॉट को चिह्नित कर सड़क सुरक्षा परिषद को भेजना होगा। जिला वाहनों की संख्या, सड़क हादसों के कारण का पता कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।

जमीनी स्तर पर होगी निगरानी

जिला सड़क सुरक्षा समिति में पहली बार अभियंता अधीक्षक व अधिशासी अभियंता को स्टेट हाइवे और जिले की प्रमुख सड़कों का प्रशासक नियुक्ति किया है। इससे जमीनी स्तर पर सड़क सुरक्षा से प्रबंधों की जमीनी स्तर पर निगरानी होगी। वहीं परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा परिषद में अभियंता अधीक्षक व अधिशासी अभियंता का स्वतंत्र पद सृजन करने की भी योजना पर काम कर रहा है।
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2022 में नवंबर तक 742 लोगों की हादसों में गई जान

2022 में सड़क हादसों में प्रदेश के 742 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इस अवधि तक कुल 5651 सड़क हादसे हुए, जिसमें 778 लोग घायल हुए। कश्मीर संभाग के मुकाबले जम्मू संभाग में सड़क हादसों से ज्यादा लोगों की मौतें हुई हैं। कश्मीर संभाग के दस जिलों में 227 लोगों की जान गई है। 551 लोगों की मौत जम्मू संभाग के दस जिलों में हुई है। मई में सबसे ज्यादा सड़क हादसे 666 हुए जिनमें सबसे ज्यादा 93 लोगों की जान गई, जबकि सबसे कम सड़क हादसे जनवरी में जिनमें सबसे कम 45 लोगों की मौत हुई। सबसे ज्यादा घातक सड़क हादसे जम्मू जिले में 83, कठुआ में 81, उधमपुर में 51 हुए हैं।


कठुआ जिले में सबसे ज्यादा मौतें
नवंबर तक सबसे ज्यादा सड़क हादसे जम्मू में 1033 हुए हैं, जिसमें 90 की मौत हुई है, लेकिन कठुआ में 426 सड़क हादसों में 91 लोगों की मौत हुई है। उधमपुर में 439 सड़क हादसों में 70 लोगों की जान गई है। सांबा में 342 सड़क हादसों में 49 की मौत, डोडा में 227 सड़क हादसों में 40 की मौत, किश्तवाड़ में 96 सड़क हादसों में 33 लोगों की मौत, रामबन में 247 सड़क हादसों में 39 लोगों की मौत हुई है।

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