केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर पुलिस के थानों और चौकियों को पूरी तरह से सीसीटीवी से जोड़ा जाएगा। इसके लिए पुलिस महकमे ने निजी कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं। पुलिस की ओर से अपनी जरूरत बता दी गई है कि किस तरह के और कितने कैमरे लगाए जाएंगे। अगले तीन महीने के भीतर इसकी प्रक्रिया पूरी होगी। कोशिश है कि इन कैमरों की मदद से आसपास और पुलिस स्टेशनों पर पूरी नजर रखी जा सके।
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जानकारी के अनुसार पूरे प्रदेश के 251 पुलिस थानों और 88 पुलिस चौकियों पर 4257 कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें 3 हजार आउटडोर बुलेट कैमरे, 1062 इनडोर डोम कैमरे, 195 आउटडोर पीटीजेड कैमरे लगेंगे और इनमें आउडियो रिकार्डिंग भी होगी। आउटडोर कैमरे का रेजोलूशन 1085 मेगापिक्सल और इनडोर का 700 के आसपास होगा। कैमरों में 18 महीने की रिकार्डिंग रखी जा सकेगी, जबकि इंटरनेट बंद होने पर भी यह 7 दिन तक रिकार्डिंग कर सकेंगे।
इन कैमरों का ओवरऑल सेटअप सेंट्रल कंट्रोल रूम दिल्ली में होगा, जबकि पुलिस मुख्यालय और संबंधित एसएचओ के थाने से इसकी मानिटरिंग होगी। पूरे कैमरों के लिए एक 40 इंच की डिस्पले होगी। सूत्रों का कहना है कि पुलिस थानों को सेंट्रल कंट्रोल रूम से जोड़ा जा रहा है, ताकि इनके कामकाज पर नजर रखी जा सके और थानों का कामकाज पूरी तरह से ठीक हो। पुलिस मुख्यालय की ओर से इसके लिए प्रस्ताव मांगा गया है। मुख्यालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अगले तीन महीने के भीतर इसकी प्रक्रिया पूरी होगी।