मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के रेजन इलाके में भूस्खलन के बाद सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी राहत और बचाव कार्य जारी रहा। इस दौरान जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। घटना में 10 दुकानें, 10 मकान और 4 गौशाला क्षतिग्रस्त हो गईं। लाखों का माली नुकसान हुआ है और कई माल मवेशी भी मारे गए।
अधिकारियों के अनुसार उनकी प्राथमिकता है कि श्रीनगर-सोनमर्ग राजमार्ग को खोला जाए जोकि 10 दिनों के बाद स्नो क्लीयरेंस के बाद रविवार को खोला गया था, लेकिन कुछ घंटे बाद भूस्खलन के बाद फिर बंद हो गया। एक स्थानीय निवासी परवेज अहमद भट ने कहा कि हम रविवार शाम घरों में बैठे थे कि अचानक बाहर शाम 6 बजे शोर मच गया कि भूस्खलन हो रहा है।
जैसे ही हम बाहर निकले तो पूरा पहाड़ ही धीरे-धीरे खिसक रहा था। लोग किसी हद तक अपने आपको बचाने में सफल रहे लेकिन करीब 12 मकान और 8 दुकानें मलबे के नीचे दबकर तबाह हो गईं जबकि काफी माल मवेशी भी मर गए। भट ने कहा कहा कि हमारा पूरा इलाका खतरे में है क्योंकि पहाड़ की मिट्टी कभी भी खिसक सकती है जिससे और नुकसान हो सकता है। हमारी जानों को भी खतरा है।
एसडीएआरएफ कॉम्पोनेन्ट गुंड के इंचार्ज मोहम्मद शफी ने कहा, अचानक से भूस्खलन हुआ और मकान इसके नीचे दब गए। इसलिए ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है। राहत की बात यह रही कि लोग पहले ही सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए थे। माली नुकसान काफी हुआ है, तुरंत घटना के बाद टीम मौके पर पहुंची और ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। कोशिश है कि सबसे पहले रोड क्लीयरेंस की जाए।
वहीं बीआरओ के अधिकारी ने कहा कि रविवार रात को भूस्खलन के बाद से क्लीयरेंस का कार्य जारी है। देर रात 12 बजे तक तो मलबा धीरे-धीरे खिसक रहा था। फिर आज तड़के से जेसीबी और अन्य मशीनों के साथ काम शुरू कर दिया गया।
इसी बीच एसडीएम कंगन जावेद अहमद ने कहा कि कल रात को जो लैंडस्लाइड हुई उससे 10 दुकानें, 10 मकान और 4 गौशाला को पूरी तरह से नुकसान पहुंचा है और राहत की बात है कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, बीआरओ और स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। प्रशासन की पूरी कोशिश है कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए और जिनका नुकसान हुआ है उन्हें मुआवज़ा दिया जाए।
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