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जम्मू झिड़ी मेला: पहली बार लेजर शो में झलकी डोगरी संस्कृति, बाबा जित्तो-बुआ कौड़ी की दर्शाई जा रही जीवन गाथा

Thu, 10 Nov 2022 01:00 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दोमाना/ जम्मू

सार

मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डोगरी लोकगीत भाख, कारक, सुहाग, गीतड़ू के साथ डोगरी कल्चर भी प्रस्तुत किया जा रहा है। यह कार्यक्रम रोजाना शाम पांच बजे से सात बजे तक करवाए जा रहे हैं। लेजर शो देर शाम सात बजे से आठ बजे तक करवाया जा रहा है।
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झिड़ी मेले में पहुंचे कलाकार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झिड़ी में बाबा जित्तो का देवस्थान रात को लेजर लाइटों से जगमगा रहा है। मेले में पहली बार प्रशासन की ओर से लेजर शो करवाया जा रहा है। इसके माध्यम से माता वैष्णो देवी, बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी की जीवन गाथा दर्शाई जा रही है।

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इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों, डोगरी लोकगीत भाख, कारक, सुहाग, गीतड़ू के साथ डोगरी कल्चर भी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। ये कार्यक्रम मेले के दौरान रोजाना शाम पांच बजे से सात बजे तक करवाए जा रहे हैं, जबकि लेजर शो देर शाम सात बजे से आठ बजे तक करवाया जा रहा है।

एसडीएम मढ़ राजीव खजूरिया ने बताया कि इस बार झिड़ी मेला पूरी तरह व्यवस्थित तरीके से करवाया जा रहा है। इसमें नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से नशामुक्ति अभियान पर युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें आत्मनिर्भर भारत के तहत विभिन्न स्कीमों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

स्वच्छता और भारत की संस्कृति से भी अवगत करवाया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि मेले में अलग-अलग विभागों के अधिकारियों की ओर से स्टॉल लगाकर अपने विभाग से जुड़ी जानकारियां और रोजगार प्रदान करने वाली सरकारी जन कल्याणकारी योजनाओं से भी युवाओं व लोगों को अवगत करवाया जा रहा है।

बीते दो साल कोरोना के कारण मेला नहीं करवाया गया। इस बार बड़े स्तर पर यह आयोजन किया गया है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबाजी के दरबार में माथा टेकने के लिए आ रहे हैं। उधर, बाबा जित्तो पर आधारित नुक्कड़ नाटक का बुधवार को समापन किया गया। 

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