जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) के कार्यालय से आवास आवंटन की फाइलें और रिकॉर्ड गुम हो चुके हैं। दस्तावेज कब और कैसे गुम हुए हैं, इसकी जानकारी कर्मचारियों को भी नहीं है। एक के बाद कई फाइलों के गुम होने का मामला सामने आने के बाद विभागीय कार्यशैली संदेह के घेरे में है। हालांकि सरकार प्रमुख सचिव प्रशांत गोयल की ओर से पूरे मामले की जांच एवं रिकॉर्ड का पुनर्निर्माण कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रमुख सचिव ने निदेशक भूमि विकास प्रबंधन जम्मू के नेतृत्व में छह सदस्यीय कमेटी बनाई है। बीते माह कमेटी बनने की जानकारी मिलते ही जेडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। पहले तो कई दिन तक आदेश को दबाया जा रहा था, लेकिन पड़ताल शुरू होते ही दफ्तर में सन्नाटा पसर गया। दरअसल, जेडीए में पूर्व में आवंटित संपत्तियों का कुछ रिकॉर्ड व फाइलें गायब हुईं हैं।
ये दस्तावेज और फाइलें कब, कितनी और कैसे गुम हुई हैं, इस बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया है। खोजबीन के बाद भी दस्तावेज नहीं मिलने पर सरकार के प्रमुख सचिव ने आवंटन अनुभाग की गायब फाइलों एवं अभिलेखों का पुनर्निर्माण करने के लिए टीम बनाई। यह टीम जांच कर रिकॉर्ड एवं फाइलों को तैयार करवाएगी। यदि टीम को जरूरत पड़ी तो मिलान के लिए आवंटियों और आवेदकों को सभी मूल एवं सहायक दस्तावेज के साथ प्रस्तुत करने के लिए कहा जाएगा।
एक साल में तैयार करने हैं दस्तावेज
दस्तावेजों के पुनर्निर्माण की प्रगति की निगरानी करने और ऐसे मामलों पर निर्णय लेने के लिए समिति महीने में कम से कम एक बार बैठक करेगी। मासिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रशासनिक विभाग को प्रस्तुत की जाएगी ताकि समय पर समीक्षा हो सके। टीम एक वर्ष के भीतर जांच कर अभिलेखों के पुनर्निर्माण का काम पूरा करेगी। दूसरी ओर, सोमवार को जेडीए के वीसी को फोन कर मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। उनका पक्ष आने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।