जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों की हड़ताल मंगलवार को 83वें दिन में प्रवेश कर गई। चीफ इंजीनियर कार्यालय में बैठे कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।
स्थायी होने और लंबित वेतन जारी करने की मांग पर जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों की हड़ताल मंगलवार को 83वें दिन में प्रवेश कर गई। चीफ इंजीनियर कार्यालय में बैठे कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। साथ ही जानकारी दी कि कठुआ के रहने वाले एक डेली वेजर शशिपाल की मौत हो गई है। जो लंबे समय से बीमार थे और आर्थिक स्थिति की वजह से वह अपना उपचार नहीं करा सके। इसकी वजह से उसकी मौत हो गई।
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कर्मचारी फोरम के प्रवक्ता रवि हंस का कहना है कि कर्मियों को स्थाई करना तो दूर। उनके 90 महीनों का वेतन तक जारी नहीं किया जा रहा। इसकी वजह से कर्मी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, इसका उदाहरण कठुआ में कर्मी की मौत है। जो आर्थिक तंगी के अभाव में अपना उपचार तक नहीं करा सके। ऐसे ही अनगिनत कर्मी हैं, जो इस समय विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे हैं और अपना उपचार नहीं करवा पा रहे। लेकिन सरकार की तरफ से कोई सुध नहीं ली जा रही। वहीं 22 सितंबर को जम्मू में पूरे जम्मू संभाग में कर्मी अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। इससे पहले मंगलवार सुबह कर्मियों ने शशिपाल को श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रख उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ की गई।