जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कुल सात वेटलैंड को अंतरराष्ट्रीय महत्व का मानते हुए रामसर साइट घोषित किया गया है। इनमें सुरुईंसर-मानसर, कश्मीर घाटी में होकरसर, वुलर झील, शालबुग और हैगाम व लद्दाख में सो मोरिरी और सो कार शामिल हैं।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को रामसर साइट घोषित सात वेटलैंड पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। स्वत: संज्ञान वाली जनहित याचिका में कोर्ट को बताया गया था कि जम्मू-कश्मीर में कुल सात वेटलैंड रामसर साइट घोषित की गई हैं। इनमें से तीन वेटलैंड हाल ही में रामसर साइट बनाए गए हैं।
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मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायाधीश पुनीत गुप्ता की खंडपीठ ने पाया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कुल सात वेटलैंड को अंतरराष्ट्रीय महत्व का मानते हुए रामसर साइट घोषित किया गया है। इनमें सुरुईंसर-मानसर, कश्मीर घाटी में होकरसर, वुलर झील, शालबुग और हैगाम व लद्दाख में सो मोरिरी और सो कार शामिल हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार इन सात वेटलैंड के दर्जे और मौजूदा स्थिति पर मुकम्मल रिपोर्ट छह सप्ताह में कोर्ट को सौंपे। सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया गया था, जिसे सर्वोच्च अदालत ने जनहित याचिका के रूप में लेते हुए सभी उच्च न्यायालयों को संबंधित रामसर साइट पर संज्ञान लेने के निर्देश दिए थे।