दीवान मंदिर में रामलीला का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : अभिषेक बड़ू
रामलीला : सीता हरण दृश्य देख भावुक हुए दर्शक
श्री सनातन धर्म सभा नाटक समाज की ओर से पांच दिनों से शहर के दीवान मंदिर में चल रहे रामलीला मंचन में शुक्रवार को सीता हरण, हनुमान-सुुग्रीव मिलाप व बाली वध का मंचन किया गया। सीता हरण प्रसंग में राम की व्याकुलता को देख दर्शक भी भावुक हा उठे।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। कलाकारों ने सीता हरण का दृश्य प्रस्तुत किए। इसमें सोने का मृग देख सीता माता ने उसे पाने की जिद की। भगवान राम ने मृग का पीछा किया। माया रूपी मृग भगवान राम को जंगल की ओर दूर लेकर चला गया। हाय राम-हाय राम की आवाज सुनकर सीता माता परेशान हो गईं। कहा कि मेरे राम संकट में हैं। उनकी मदद के लिए लक्ष्मण को भेजा। राम का अभिनय विजय कुमार शर्मा, लक्ष्मण का साहिल महाजन, सीता संजना, रावण का संजीव केरनी, हनुमान का राजकुमार और सुग्रीव का किरदार शिव कुमार ने निभाया।
अभिनव थिएटर में कलाकृतियां बनाते छात्र व छात्राएं।
- फोटो : अभिषेक बड़ू
बच्चों व चित्रकारों ने कैनवास पर उकेरीं कलाकृतियां
संस्कृति मंंत्रालय भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी के सहयोग से शुक्रवार को अभिनव थिएटर में विकसित भारत के रंग कला केंद्र के संग का कार्यक्रम आयोजित किया।
इसमें जम्मू-संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से स्कूली बच्चों और चित्रकारों ने कैनवास पर अपनी कलाकृतियों को उकेरा। उत्तरी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र कार्यक्रम अधिकारी जरनैल सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में स्कूल, कॉलेज व पेशेवर चित्रकारों को शामिल किया गया है।
इनमें 500 से अधिक कॉलेजों व स्कूलों के विद्यार्थी हैं और 35 से अधिक चित्रकार हैं। भारतीय कला संगम के सदस्य ने रमेश सिंह ने बताया कि यह आयोजन विकसित भारत के रंग कला के संग पर आधारित है जो संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के तहत चलाया गया। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम कला संस्कृति को ही नहीं बल्कि स्कूली बच्चों के उत्साह को भी बढ़ावा मिलता है। आईडीपीएल जम्मू स्कूल की छात्रा हरनीति कौर ने बताया कि इस कार्यक्रम में मुझे शामिल होकर मुझे बहुत अच्छा लगा। इसमें एक-दूसरे से कला सीखने का मौका मिल रहा है।
भगवती नगर में मां वैष्णो के मंदिर में धूमधाम से मनाया नवरात्र उत्सव
शहर के भगवती नगर स्थित वैष्णो माता मंदिर में शुक्रवार को नवरात्र उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत कर आस्था जताई। यह कार्यक्रम महंत लक्की बाबा के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत हवन-पूजन से किया गया।
उसके बाद माता रानी की कथा शुरु हुई जिसमें माता के लीलाओं के साथ भजन-कीर्तन सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हुए। मंदिर के महंत ने बताया कि उत्सव में प्रतिदिन हवन-पूजन किया जाता है। उसके बाद सुबह और शाम माता की विशेष आरती की जा रही है। इस उत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन फल और सात्विक लंगर का प्रसाद वितरित किया जाता है।
जम्मू में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले तैयार करते कलाकार।
- फोटो : अभिषेक बड़ू
कश्मीर के लिए जल्द निकलेंगे दशानन, लद्दाख जाना हुआ रद्द
नवरात्र के समापन के साथ ही विजयदशमी को रावण दहन के साथ धूमधाम से मनाने की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। इसके लिए कारीगर बीते दिनों से पुतले बनाने में जुटे हुए हैं। कारीगरों को लेकर आए मोहम्मद ज्ञासूद्दीन के अनुसार पुतले लगभग तैयार हैं।
जम्मू के अलावा कश्मीर के लिए भी पुतले तैयार किए जा रहे हैं। जम्मू में कुछ जगहों पर भेजे भी जा चुके हैं। कश्मीर के लिए तैयारी चल रही है। पुतले तैयार होते ही वहां के लिए भी भेज दिए जाएंगे। लद्दाख के लिए भी ऑर्डर आया था लेकिन उसे रद्द कर दिया गया है।
भारी बारिश की वजह से इस साल पुतले बनाने का काम थोड़ा देर से शुरू हुआ है। इस वजह से समय पर सभी पुतले बनाने के लिए कारीगर दिनरात युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। तैयारियां लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। फिलहाल पुतलों को रंग-रोगन का काम चल रहा है।