बच्चों में भी बढ़ी शिकायत, 10 से 15 फीसदी बाल रोगियों में मोटापे की समस्या बढ़ी
विशेषज्ञ बोले- जंक व फास्ट फूड के साथ खाने में तेल का कम करें इस्तेमाल, नहीं तो बढ़ता रहेगा मोटापा
पीएम मोदी ने मोटापे की बढ़ती समस्या पर कही मन की बात
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में मोटापे की समस्या का जिक्र किया और इसे कम करने के लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं। इस समस्या से जम्मू-कश्मीर भी अछूता नहीं है। जम्मू के सरकारी अस्पतालों में मेडिसिन की ओपीडी में हर रोज रिपोर्ट हो रहे केस में 40 से 50 फीसदी तक मामलों में बीमारी का कारण मोटापा सामने आ रहा है।
इसी तरह बाल रोगियों में भी मोटापा बढ़ने का ट्रेंड देखा जा रहा है और 10 से 15 फीसदी मामले इसी समस्या के रिपोर्ट हो रहे हैं। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) जम्मू के साथ-साथ एम्स में भी दिखाने आने वालों में मोटापे का शिकार लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जंक व फास्ट फूड के साथ ही खाने में तेल का इस्तेमाल धीरे-धीरे कम करके ही इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
जीएमसी जम्मू के मेडिसिन विभाग में हर रोज की ओपीडी में मरीजों का औसत 200-250 तक है। विभाग की डाॅ. शाजिया के मुताबिक, ओपीडी में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हाइपरटेंशन आदि के मरीज आते हैं। इनमें 40-50 प्रतिशत तक मरीजों में कहीं न कहीं मोटापे की शिकायत होती है, यह चिंताजनक है।
शहर के प्रमुख जच्चा-बच्चा एसएमजीएस अस्पताल की ओपीडी के आंकड़ों से इस समस्या की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। यहां की 250 से 300 की ओपीडी में आने वाले बाल मरीजों में 10-15 फीसदी मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं। मोटापे के कारण बच्चों में भी मधुमेह, फैटी लीवर और हाइपरटेंशन के मामले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञ डाक्टर इसके लिए जीवनशैली और खाने की आदतों में बदलाव को बड़ा कारण मानते हैं।
एम्स विजयपुर की बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. स्मृति ने बताया कि बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 40 से 50 की ओपीडी में करीब 10 तक बच्चे मोटापे से पीड़ित आ रहे हैं। उनके वजन और लंबाई की जांच में वे अधिक वजन वाली श्रेणी में पाए जा रहे हैं। मोटापे से उनकी दिनचर्या प्रभावित होती है। इसमें संतुलित पौष्टिक आहार, शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान दिया जाए।
डॉक्टरों की चिंता
एसएमजीएस अस्पताल के बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. जीएस सैनी ने बताया कि बड़े और बच्चों दोनों घंटों तक मोबाइल से चिपके रहते हैं, निर्धारित मात्रा से अधिक या कम खाना ले रहे हैं, जिससे उनकी शारीरिक संरचना असंतुलित हो रही है। इसके साथ फास्ट फूड, जंक फूड, विभिन्न तरह की ड्रिंक्स आदि की लत बढ़ी है। इसमें अधिक शूगर, ट्रांसफेट, साल्ट, केलोरी आदि होने के कारण मोटापे की शिकायत बढ़ी है।
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ऐसे करें बचाव
-नवजात को न्यूनतम छह माह तक स्तनपान करवाएं, उसके बाद घर में बने पदार्थ दें। साल तक के बच्चे को मोबाइल और टीवी से दूर रखें, उसके बाद आउटडोर गतिविधियों पर ध्यान बनाएं। जंक और फास्ट फूड से बच्चों को दूर रखें, घर का ही पौष्टिक आहार दें, पर्याप्त सब्जियां और फल दें।
-बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. संजीव डिंगरा
खाद्य तेलों का जरूरत के मुताबिक निर्धारित इस्तेमाल करें
जीएमसी जम्मू के कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डा. सुशील शर्मा ने कहा कि खाद्य तेलों का जरूरत के मुताबिक कम इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हलवाइयों की दुकानों में उपयोग होने वाले खाद्य तेल से बने पदार्थों के सेवन करने से परहेज करें, क्योंकि अधिकांश जगहों पर एक ही तेल को बार बार पकाया जाता है। रोजाना कम से कम आधा घंटा सैर, व्यायाम व अन्य आउटडोर गतिविधियां करनी चाहिए। जीएमसी जम्मू में रोजाना 5 से 10 हार्ट अटैक के मामले रिपोर्ट हो रहे हैं।
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आयुर्वेद नुस्खे अपनाकर मोटापे से दूरी बनाएं
आयुर्वेदिक अस्पताल जम्मू के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डा. तरण सिंह का कहना है कि मोटापे से दूर रहने के लिए खाद्य पदार्थों में जौं, कुल्थ, काले चने, मूंग, गूलर, बैंगन, मछली, तिल का तेल आदि का प्रयोग किया जाना चाहिए, जो कैलोरी को कम करता है। रात को खासतौर पर दही का सेवन न करें। मैदायुक्त पदार्थों का सेवन न करें। मोटापे को कम करने के लिए चिकित्सीय परामर्श के अनुसार मेधोहरविडंगाधि आदि का सेवन करें।
ज्यादा स्वाद के लिए जमकर किया जा रहा खाद्य तेलों का उपयोग
जीएमसी जम्मू के गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डाॅ. शौकत का कहना है कि खाद्य तेलों के अधिक इस्तेमाल से फैटी लीवर की समस्या बढ़ी है। फैटीलीवर से जुड़ी जांच करवा ने पर कोलेस्ट्राल आदि बढ़ जाता है। इससे उच्च रक्तचाप, मोटापा आदि की शिकायत होती है। जम्मू कश्मीर में पारंपरिक व्यंजनों में अधिक स्वाद के लिए खाद्य तेल का निर्धारित से अधिक मात्रा में उपयोग किया जाता है, जो पाचन शक्ति को भी नुकसान पहुंचा रहा है।