लंबित मांगों के समर्थन में जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों की हड़ताल जारी है। मंगलवार को कर्मचारियों ने अभियंता कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। यूटी की तर्ज पर मानदेय मिलना चाहिए।
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अस्थायी कर्मियों ने कहा कि तीन सौ रुपये दिहाड़ी में परिवार चलाना मुश्किल है, इसके लिए कम से कम पांच सौ रुपये दिहाड़ी मिलनी चाहिए। सरकार को कर्मचारियों के 72 महीने के बकाया वेतन को भी जल्द जारी करना चाहिए।