- उच्च न्यायालय ने दी आरोपी को राहत, गिरफ्तारी पर रोक
- जमीन विवाद को बताया गया आरोपों की वजह, कोर्ट ने मांगा जवाब
जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे 74 वर्षीय बुजुर्ग को गिरफ्तारी से राहत देते हुए अग्रिम जमानत दी है। आरोपी के खिलाफ यह मामला उसकी ही बहू ने दर्ज करवाया है। न्यायमूर्ति संजय धर की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया है।
सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल की उम्र 74 वर्ष है और इस उम्र में ऐसे अपराध का आरोप अविश्वसनीय लगता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़िता (बहू) के पति की मृत्यु के बाद उसने दूसरी शादी कर ली थी और अब वह ससुर की संपत्ति में हिस्सा चाहती है। इसको लेकर दीवानी मामला न्यायालय में लंबित है, जिसमें अंतरिम आदेश आरोपी के पक्ष में है। यह आपराधिक मामला संपत्ति हथियाने के लिए दबाव बनाने की कोशिश है। पीड़िता ने धारा 164-A के तहत बयान में नए आरोप जोड़े हैं, जिनका जिक्र एफआईआर में नहीं था। जिनमें उसने कहा कि उसके पति की मौत के बाद ससुर ने दो बार उसके साथ जबरदस्ती की।
न्यायालय ने आदेश में कहा है कि यदि इस एफआईआर के तहत आरोपी की गिरफ्तारी होती है, तो उसे 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और एक जमानती पर अग्रिम जमानत दी जाए। साथ ही शर्तें रखी गई हैं कि आरोपी जांच में सहयोग करेगा, जब भी कोर्ट बुलाएगा उपस्थित रहेगा और किसी साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। साथ ही न्यायालय ने राजोरी के नौशेरा थाने में दर्ज मामले में संबंधित पक्षों से छह हफ्तों में जवाब मांगा है और पीड़िता को संबंधित थाने के माध्यम से नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। जेएनएफ