जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले के दूरदराज पिछड़े इलाकों की गरीब और बेसहारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से कृषि विभाग ने सहारा जागृति मंच एनजीओ के साथ मिलकर काम शुरू किया है। उन्होंने जिले की करीब छह हजार महिलाओं को जैविक हल्दी के बीज, पॉली बैग और कुछ दवाएं देकर व्यापार शुरू करने की सीख दी है।
कृषि विभाग और एनजीओ ने मिलकर महिलाओं को हल्दी के बीज दिए हैं जिससे महिलाएं हल्दी पैदा कर उसे बाजार में बेच कर अपनी आय बढ़ा सकती हैं। संस्था के प्रमुख संजीव कुमार ने बताया कि महिलाओं को बीज देकर हल्दी की पैदावार के उपाय भी बताए हैं। जब हल्दी की पैदावार हो जाएगी तो उसे बाजार में अच्छे दामों पर बेचने में भी एनजीओ महिलाओं की सहायता करेगा।
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वहीं, मुख्य कृषि अधिकारी महेश वर्मा ने बताया कि इससे एक तरफ तो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी, तो दूसरी और लोगों को सस्ते दामों पर जैविक और शुद्ध हल्दी मिल पाएगी। सहायता पाने वाली महिलाओं ने एनजीओ के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि इससे उन्हें सम्मानजनक जीवन व्यतीत करने में मदद मिलेगी, और वे अपने परिवार के पालन पोषण में पति की सहायता करने योग्य हो पाएंगी।