जम्मू-कश्मीर को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और अतिरिक्त दुग्ध उत्पादन के लिए इस साल 800 डेयरी तथा इससे जुड़ी इकाइयां स्थापित की जाएंगी। चार हजार मवेशियों को इन डेयरियों में शामिल किया जाएगा। यह बात उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कठुआ जिले के हीरानगर में चल रहे पशुधन व्यापार मेले में वीरवार को कहीं। एलजी ने कहा, पोल्ट्री उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 500 नए व्यावसायिक ब्रॉयलर फार्म स्थापित होंगे ताकि नए उद्यमियों को मौका मिल सके।
दूरदराज के इलाकों में मवेशियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 26 मोबाइल पशु चिकित्सा क्लीनिक भी खोले जाएंगे। जम्मू-कश्मीर मिल्क सरप्लस प्रदेश के नाम से जाना जाए इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। बहुत जल्द हम यह लक्ष्य प्राप्त करने में सफल होंगे। पशु, भेड़ तथा मछली विभाग के लिए इस साल सरकार ने 338 करोड़ रुपये का बजट रखा है ताकि किसान व्यावसायिक उत्पादन से जुड़ सकें और यहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा जम्मू कश्मीर में एक नई ग्रामीण आर्थिक क्रांति देखी जा रही है जो पिछले 70 वर्षों में नहीं दिखी।
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अपनी तरह का पहला आयोजन
प्रदेश के किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोत के साथ पशुपालन क्षेत्र को एक बड़ा प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश में अपनी तरह का पहला आयोजन किया गया है। घाटे से निकलकर प्रदेश अतिरिक्त दूध उत्पादन के लिए जाना जाए इस लक्ष्य को लेकर काम किया जा रहा है।
एलजी
किसानों के आर्थिक विकास में हर संभव सहायता कर रही सरकार