जम्मू शहर में लंबे समय से कृत्रिम झील और तवी रिवर फ्रंट का शहरवासियों को इंतजार है। अब इन दोनों प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कर ली गई है। सितंबर में इसके लिए टेंडर जारी किया जाएगा। कृत्रिम झील का काम अब आईआईटी दिल्ली की जगह आईआईटी रुड़की करेगी। दोनों प्रोजेक्ट के पूरा होने से शहर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जानकारी के अनुुसार स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत तवी रिवर फ्रंट के लिए 75 करोड़ रुपये निर्धारित कर दिए गए हैं।
इसकी डीपीआर भी बना ली गई है। सितंबर महीने में इसका टेंडर निकाला जाएगा। शहर के भगवती नगर से बिक्रम चौक तक यह तवी रिवर फ्रंट बनेगा। वहीं, कृत्रिम झील के लिए भी 400 करोड़ रुपये पड़े हैं। सितंबर में इसका भी टेंडर जारी होगा। टेंडर होने के बाद छह महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। आईआईटी रुड़की की ओर से इसका काम करवाया जाएगा।
अफवाहों पर लग जाएगा विराम
बहुत से लोग कहते हैं कि कृत्रिम झील और तवी रिवर फ्रंट प्रोजक्ट पूरा नहीं होगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ये दोनों परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं और पूरी भी होंगी। दोनों की डीपीआर बनकर तैयार है। सितंबर में इसका टेंडर होगा। उम्मीद है कि नए साल के तोहफे में यह दोनों प्रोजेक्ट शहरवासियों को मिलेंगे।
- चंद्र मोहन गुप्ता, मेयर, नगर निगम जम्मू
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भगवती नगर की जगह कहीं और बनेगा रेहड़ी मॉल
शहर के भगवती नगर में बनने वाला रेहड़ी मॉल अब शहर के किसी दूसरे स्थान पर बनेगा, क्योंकि भगवती नगर में जिस जगह मॉल बनना था, वहां पर डीआरडीओ अस्पताल बन चुका है। लिहाजा अब इसके लिए कहीं और जमीन देखनी होगी। मेयर चंद्र मोहन गुप्ता का कहना है कि इसके लिए नगर निगम पार्षदों से बात कर रहा है कि कहां-कहां पर जमीन उपलब्ध है, जहां पर इसको बनाया जा सकता है।