शीतकालीन राजधानी जम्मू में सोमवार को सचिवालय समेत दरबार मूव से संबंधित सभी कार्यालय खुल गए। इस दौरान विधानसभा चुनाव और आचार संहिता का असर साफ दिखा। परंपरा के तहत मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सुबह साढ़े नौ बजे सचिवालय में पहुंचे। कार्यक्रम गार्ड ऑफ ऑनर तक ही समिति रहा। मुख्यमंत्री ने प्रेस से वार्ता भी नहीं की।
रियासती सरकार के ज्यादातर मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार में व्यस्त होने के चलते सचिवालय में दरबार खुलने पर दिखने वाली रौनक भी कुछ खास नहीं थी। हालांकि, सचिवालय में पहुंचने पर कुछ मंत्रियों, अफसरशाहों, सचिवालय के मुलाजिमों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
उमर ने गार्र्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली और सीधे अपने कार्यालय पहुंचे। विधानसभा स्पीकर मुबारक गुल ने विधानसभा सचिवालय के विभिन्न सेक्शनों का दौरा कर कामकाज का जायजा लिया। सचिवालय खुलने पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। दरबार मूव से जुड़े करीब आठ हजार मुलाजिम भी शीतकालीन राजधानी पहुंच चुके हैं।
इसके अलावा राजभवन, पुलिस मुख्यालय, आयोगों के दफ्तरों में भी सोमवार से कामकाज शुरू हो गया। एस्टेट विभाग के डिप्टी डायरेक्टर विनोद बहल का कहना है कि दरबार मूव के चलते यहां पर पहुंचे मुलाजिमों के लिए विभाग की ओर से अपनी कालोनियों के अलावा होटलों और किराये के मकानों की व्यवस्था की गई है।