कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने रोटेशन पर 50 प्रतिशत स्टाफ को कार्यालय बुलाने का फैसला लिया है। अब एक दिन में 50 प्रतिशत स्टाफ ही कार्यालय आएगा। शैक्षणिक गतिविधियां ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड पर होंगी। जो बच्चे ऑनलाइन क्लास से नहीं जुड़ सके हैं उनके लिए प्राथमिकता के आधार पर कम्युनिटी स्कूल चलाए जाएंगे।
कम्युनिटी स्कूलों को शुरू करने लिए एक स्थानीय कमेटी बनाई जाएगी। इसमें अभिभावक, वीईसी और एसएमसी सदस्य शामिल होंगे। कमेटी इसकी निगरानी के साथ सहयोग भी देगी। कम्युनिटी स्कूल की सभी गतिविधियां खुले मैदान में होंगी। यहां पर बच्चों के बीच दो मीटर की दूर का पालन किया जाएगा। जहां खुला मैदान नहीं होगा, वहां बच्चों को शिफ्ट में बुलाया जाएगा।
कम्युनिटी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए फेस मास्क अनिवार्य होगा। स्कूल में हाथ धोने की व्यवस्था होनी चाहिए। बच्चों को ऑनलाइन और ऑफलाइन मानसिक स्वास्थ्य मनोविज्ञान परामर्श पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने मंगलवार को इसको लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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40 मिनट की ऑनलाइन क्लास
इस समय बच्चों को ऑनलाइन मोड पर पढ़ाया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा है कि ऑनलाइन क्लास 40 मिनट से अधिक की नहीं होगी। ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड पर बच्चों को कोरोना के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके लिए क्विज, डिबेट और ड्राइंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। शिक्षकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह बच्चों तक पहुंच बनाएं, ताकि उनकी पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़े।