चिनाब वैली नाम से मशहूर जिले को डेथ वैली कहा जाए तो इसमें आश्चर्य नहीं होगा। भूकंपों और हाईवे पर हादसे आए दिन जिले को दहलाते हैं। वर्ष 2013 से भूकंपों का सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है।
लेकिन पिछले एक साल में तो भूकंपों ने लोगों के दिलों में ऐसी दहशत फैलाई कि जो अब जाने का नाम नहीं ले रही है। अब डोडा-बटोत राष्ट्रीय राजमार्ग भी लोगों के बीच मौत का हाईवे बनता जा रहा है।
इस हाईवे और इससे जुड़ने वाले मार्ग भूकंपों और भारी बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया है। इन मार्गों पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के एक तरफ गहरी खाई है और चिनाब दरिया है।
जब भी कोई हादसा होता है तो इसमें भारी जानमाल के नुकसान की पूरी आशंका होती है। हादसे के दौरान वाहन अक्सर खाई और चिनाब में गिर जाते हैं।
डोडा, भद्रवाह, किश्तवाड़, ठाठरी, मडवा, दच्छन, पाडर आदि इलाकों के लोग संपर्क मार्गों और हाईवे पर जान हथेली पर रखकर निकलते हैं। हाईवे समेत ये मार्ग जगह-जगह बुरी तरह टूट चुके हैं। भूस्खलन ने हाईवे को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है।