उत्तर कश्मीर के हंदवाड़ा में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता मिली है। आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने हिज्बुल के टॉप कमांडर मेहराजुद्दीन उर्फ उबैद को मार गिराया है। वहीं जम्मू में वायुसेना स्टेशन पर आरडीएक्स गिराकर हमला करने वाले ड्रोन पाकिस्तान से तवी नदी के रूट पर उड़कर यहां पहुंचे थे। साथ ही दुर्गम चोटियों पर दुश्मन से लोहा लेते हुए जो चुनौतियां सामने आईं, उसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। एक तरफ तीनों चोटियों पर बैठी पाकिस्तानी सेना, दूसरी तरफ नीचे बुलंद हौसला लिए भारत माता के जांबाज सपूत।
उत्तर कश्मीर के हंदवाड़ा में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता मिली है। आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने हिज्बुल के टॉप कमांडर मेहराजुद्दीन उर्फ उबैद को मार गिराया है। उबैद कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था। वहीं इस मुठभेड़ से सुरक्षाबल ने एक एके, चार मैगजीन बरामद की हैं। आईजीपी कश्मीर का कहना है कि आतंकी संगठन हिज्बुल के मेहराजुद्दीन को मुठभेड़ में मार गिराया गया है जो कि बेहद पुराना आतंकी था। वह आतंकवाद से जुड़े अनेक अपराधों में शामिल था। यह एक बड़ी सफलता है। इस ऑपरेशन को हंदवाड़ा पुलिस, 32 आरआर और 92 बीएन सीआरपीएफ ने मिलकर अंजाम दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें......
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जम्मू में वायुसेना स्टेशन पर आरडीएक्स गिराकर हमला करने वाले ड्रोन पाकिस्तान से तवी नदी के रूट पर उड़कर यहां पहुंचे थे। जम्मू में वायुसेना स्टेशन पर आरडीएक्स गिराकर हमला करने वाले ड्रोन पाकिस्तान से तवी नदी के रूट पर उड़कर यहां पहुंचे थे। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मकवाल बॉर्डर से यह ड्रोन इस तरफ तवी नदी मार्ग के ऊपर से उड़कर जम्मू पहुंचे और फिर सतवारी के बाबा पीर की बाईं ओर से एयरफोर्स स्टेशन में घुसे। आरडीएक्स गिराकर धमाके करने के बाद यह ड्रोन इसी रूट से वापस पाकिस्तान चले गए। यह खुलासा हमले की जांच में हुआ है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें......
दुर्गम चोटियों पर दुश्मन से लोहा लेते हुए जो चुनौतियां सामने आईं, उसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। एक तरफ तीनों चोटियों पर बैठी पाकिस्तानी सेना, दूसरी तरफ नीचे बुलंद हौसला लिए भारत माता के जांबाज सपूत। करीब तीन महीने के इस युद्ध मेें दुश्मन ऊपर से एक-एक हरकत देख वार कर रहा था, तो भारतीय सेना हर हाल में उन्हें धूल चटा उन्हें उनकी औकात पर आमादा थी। सबसे ज्यादा बहादुरी के अवार्ड भी फौजियों को इसी लड़ाई में मिले। पूर्व सैनिक सेवा परिषद के उधमपुर जिला के अध्यक्ष मेजर उमा कांत शर्मा ने कारगिल युद्ध से जुड़ी याद ताजा करते हुए बताया कि यह उन दिनों की बात है, जब मैं अखनूर में आर्मी के हेडक्वार्टर मेें तैनात था। आर्मी की ट्रांसपोर्ट बटालियनें डिस्बैंड की जा रही थीं। हेडक्वार्टर मेें हमने अपने मुख्य अधिकारियों के सहयोग से राजोरी, नौशेरा से इस एक माउंटेन आर्टिलरी बटालियन को डिस्बैंड होने से रुकवाया था, जो कारगिल के युद्ध में काकसर और अन्य दुर्गम पहाड़ियों में सेना के तोपखाने को ले जाने में बहुत ही मददगार साबित हुए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें......
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परिसीमन आयोग के सदस्य प्रदेश के चार दिवसीय दौरे पर श्रीनगर पहुंच चुके हैं। आयोग जम्मू और कश्मीर दोनों संभाग में 200 से ज्यादा प्रतिनिधिमंडलों से मिलेगा। वहीं बुधवार को पहलगाम स्थित क्लब में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के नेताओं ने बैठक में हिस्सा लेने से मना कर दिया है। जानकारी के अनुसार एनसी को कहा गया था कि बैठक में सिर्फ पार्टी के जिला अध्य्क्ष ही हिस्सा लेंगे उस पर अपना विरोध जताते हुए पार्टी के सभी सदस्य क्लब के अंदर नहीं गई और बैठक में हिस्सा लेने से इंकार कर दिया। एनसी के नेताओं का कहना है कि अगर उनकी पार्टी के सभी सदस्यों को परिसीमन आयोग की टीम से नहीं मिलने दिया तो उनमें से कोई भी बैठक में हिस्सा नहीं लेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें......
कोरोना महामारी की दूसरी लहर में मामले कम होने के बाद मां वैष्णो देवी के भक्तों की संख्या में इजाफा होने लगा है। हालांकि बीते माह बेहद कम ही संख्या में श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के भवन पहुंचे थे, परंतु जैसे-जैसे कोरोना महामारी के मामलों में कमी आने लगी वैसे-वैसे भक्तों की संख्या बढ़ने लगी। एक बार फिर करीब तीन माह के बाद मां वैष्णो देवी का भवन यहां तक की आधार शिविर कटड़ा श्रद्धालुओं से गुलजार होने लगा है। वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में धीरे-धीरे वृद्धि देखने को मिल रही है। इन दिनों रोजाना दस से बारह हजार के करीब श्रद्धालु भवन में माथा टेक रहे हैं। शनिवार व रविवार को यह आंकड़ा पंद्रह हजार के पार भी होने लगा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें......