जम्मू-कश्मीर के छंब विधानसभा क्षेत्र के गांव बरडोह का एक प्रतिनिधिमंडल कलीठ फील्ड फायरिंग रेेंज सीमाओं को लेकर जम्मू जिला के उपायुक्त अंशुल गर्ग से मिला। भारतीय जनता युवा मोर्चा अखनूर के जिला महामंत्री सुरेश शर्मा ने कहा कि फील्ड फायरिंग रेंज जैड 2 सेक्टर से भारतीय सेना अभ्यास करती है। अभ्यास के दौरान बरडोह गांव के लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
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गांव के लोगों के पास मवेशी चराने के अलावा कोई व्यवसाय नहीं है। अभ्यास के दौरान बरडोह गांव के लोगों के आने जाने का रास्ता भी बंद हो जाता है और लोग घास काटने भी नहीं जा सकते। सुरेश शर्मा ने फील्ड फायरिंग रेंज को शिफ्ट करने की अपील की। उपायुक्त अंशुल गर्ग ने पूछा कि आप लोगों को मुआवजा नही मिलता।
इस पर सुरेश शर्मा ने कहा कि पिछले 40 सालों से बरडोह के लोगों को मुआवजा मिलता आ रहा था, लेकिन 2016 में जब फील्ड फायरिंग रेंज को शुरू किया गया तो उसके बाद मुआवजा मिलना बंद हो गया। उपायुक्त अंशुल गर्ग ने कहा कि रेंज तो बंद नहीं किया जा सकता, लेकिन अगर आपको 40 वर्र्षों से मुआवजा मिलता आ रहा था तो फिर आपको मुआवजे की सूची से बाहर नहीं किया जा सकता।
उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि जैसे पहले मुआवजा मिलता आ रहा था, ऐसे ही आगे भी मिलेगा। इस मौके पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री सुरेश शर्मा, अंकुश शर्मा, संजय शर्मा, वरुण कुमार और लोग शामिल रहे।