जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दौरे पर आई गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने शुक्रवार को अग्रिम चौकी मकवाल पहुंचकर बॉर्डर के हालात जाने। यहां बार्डर प्रबंधन की जानकारी ली। सीमा पर बढ़ती ड्रोन गतिविधियों, ड्रोन से हथियारों और नशे की तस्करी और पाकिस्तान द्वारा समय-समय घुसपैठ के लिए बनाई जाने वाली टनल जैसी चुनौतियों से बीएसएफ ने समिति को अवगत कराया। कहा कि बार्डर पोस्टों तक सड़क बनाने, 24 घंटे बिजली मुहैया कराने तथा नल से पानी की सप्लाई की आवश्यकता है।
समिति के चेयरमैन आनंद शर्मा को स्पेशल डीजीपी एस पंवार और आईजी जम्मू एनएस जमवाल ने बीएसएफ की गतिविधियों से जुड़ी कई अन्य जानकारियां दी। सीमा पर जवानों ने बार्डर की रक्षा करने के लिए अपनाई जाने वाली तकनीक और तैयारियों का माक ड्रिल भी किया। समिति ने बीएसएफ के जवानों और अफसरों से मुलाकात कर उनकी कार्य दशा तथा तैनाती के दौरान पेश आने वाली चुनौतियों के बारे में जाना। बीएसएफ अधिकारियों ने बरसात और खराब मौसम के कारण पेश आने वाली चुनौतियों के बारे भी जानकारी दी।
इस दौरान समिति ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर आने वाली दिक्कतों के बारे में जानकारी ली। इससे पहले बीएसएफ के बार्डर प्रबंधन, निगरानी और बंदोबस्त की जानकारी भी दी गई। कमेटी ने बीएसएफ फ्रंटियर हेडक्वार्टर जम्मू का भी दौरा किया। ज्ञात हो कि 18 सदस्यीय समिति केंद्र शासित प्रदेश में विकास तथा जनता के कल्याण के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी हासिल करने के लिए दौरे पर थी।
बॉर्डर पर इस्तेमाल होने वाले हथियारों की दी जानकारी
बीएसएफ की ओर से हाल ही में बार्डर पर सुरंगों का पता लगाने, घुसपैठियों को मार गिराने, पाकिस्तान द्वारा भेजे जाने वाले हेक्साकॉप्टर आदि को दिखाया गया। बीएसएफ की ओर से बार्डर पर इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों और तकनीक के बारे भी जानकारी दी। समिति ने कहा कि बीएसएफ को बार्डर पर पेश आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए अपना पक्ष रखेंगे। इसमें सुधार के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे।