रंजीत सागर झील में मंगलवार की सुबह दुर्घटनाग्रस्त होकर गिरे सेना के हेलिकॉप्टर में सवार पायलट और को-पायलट का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिला। नौसेना के मार्कोस कमांडो, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। वीरवार को इन टीमों ने मलबे की तलाश में गहरे पानी में मेटल डिटेक्टर की भी मदद ली, परंतु सफलता नहीं मिली। इस बारे में रेस्क्यू में लगी टीमों की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, गहरी झील में डुबकी लगाने के साथ ही स्पेशल फोर्स के जवान अब तकनीक का भी सहारा ले रहे हैं। गहरी डुबकी के दौरान बोट में बैठे अधिकारियों से संपर्क करने के लिए संयंत्र लगाए गए हैं। इसके साथ गहरी डुबकी के दौरान हेलीकॉप्टर के हिस्से को तलाशने के लिए मेटल डिटेक्टर की भी मदद ली जा रही है। मंगलवार शाम से ही हादसे वाले क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है, और सुरक्षा बलों के अलावा किसी को भी मौके पर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।