दूसरे राज्यों से खरीदे गए वाहनों को अब जम्मू-कश्मीर में दोबारा पंजीकरण करवाना होगा। वाहन मालिकों को अपने गृह जिलों में वाहनों का पंजीकरण करना होगा। प्रदेश परिवहन विभाग ने इसको लेकर आदेश जारी किया है। विभाग ने साफ किया है कि पंजीकरण न कराने पर बाहरी राज्यों के नंबर वाले वाहन पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त सचिव परिवहन विभाग हृदेश कुमार ने इसको लेकर आदेश जारी किया है।
आदेश में कहा कि पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से खरीद गए पुराने वाहनों का बिना पंजीकरण प्रदेश में परिचालन से काफी नुकसान हो रहा है। ये वाहन मालिक टोकन टैक्स/रोड टैक्स के भुगतान नहीं कर रहे हैं, जो जेके मोटर वाहन कराधान अधिनियम 1957 के तहत आवश्यक है। ऐसे वाहनों का आतंकी हमालों में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में बाहरी राज्य के नंबर वाले वाहन का उनके मालिक को अपने गृह जिले में आरटीओ व एआरटीओ के पास पंजीकरण करवाना होगा।
विभाग ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 47 का हवाला देते हुए सर्कुलर में कहा है कि एक राज्य में पंजीकृत वाहन को दूसरे राज्य में एक वर्ष से अधिक की अवधि के लिए रखा गया है तो वाहन मालिक इस अवधि के भीतर पंजीकरण प्राधिकरण को आवेदन करें। स्वामित्व हस्तांतरण से संबंधित धारा 50 के तहत एक ही राज्य के भीतर पंजीकृत वाहन के मामले में हस्तांतरण के 14 दिनों के भीतर हस्तांतरण की तथ्य की रिपोर्ट देनी होगी, ताकि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
आरटीओ श्रीनगर ने पहले जारी किया था आदेश
बाहरी राज्यों के वाहनों का प्रदेश में दोबारा पंजीकरण संबंधी पहला आदेश आरटीओ कश्मीर ने जारी किया था। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज किया था। अब ये नया आदेश प्रदेश सरकार ने जारी किया है।