फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू धमाका: दो संदिग्ध गिरफ्तार, हवाई अड्डा परिसर में ड्रोन से फेंका गया था आईआईडी

Sun, 27 Jun 2021 07:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

ये धमाके तकनीकी क्षेत्र में हुए। हवाई अड्डे के पास विस्फोटों को अंजाम देने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। 
विज्ञापन
जम्मू हवाई अड्डा... - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू हवाई अड्डा परिसर(एयरफोर्स के टेक्निकल एरिया) में रविवार (27 जून) रात करीब दो बजे महज पांच मिनट के अंतराल में दो धमाके हुए। इसके बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया। वहीं, फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि ये धमाके तकनीकी क्षेत्र में हुए। आशंका है कि हवाई अड्डे के पास विस्फोटों को अंजाम देने के लिए दो ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

विज्ञापन


बता दें कि जम्मू वायुसेना स्टेशन के तकनीकी क्षेत्र में रविवार तड़के दो कम तीव्रता वाले विस्फोटों की सूचना मिली। एक ने एक इमारत की छत को मामूली नुकसान पहुंचाया, जबकि दूसरा धमाका खुले क्षेत्र में हुआ। किसी भी उपकरण को कोई नुकसान नहीं हुआ। जांच चल रही है। इसके साथ ही जम्मू में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने वायुसेना स्टेशन पर हुए दोहरे विस्फोट को आतंकी हमला करार दिया है। उन्होंने दोनों धमाकों में ड्रोन के इस्तेमाल से विस्फोटक सामग्री गिराने की आशंका जाहिर की है। डीजीपी ने बताया कि जम्मू पुलिस ने 5 से 6 किलोग्राम वजन का एक और आईईडी बरामद किया है। यह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के गुर्गे से बरामद की गई। इसे किसी भीड़-भाड़ वाली जगह पर लगाया जाना था। इस रिकवरी से बड़ा आतंकी हमला टल गया है। पूछताछ के लिए संदिग्धों को उठाया गया है। पुलिस अन्य एजेंसियों के साथ जम्मू हवाई क्षेत्र में हुए विस्फोटों पर भी काम कर रही है।
विज्ञापन


रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एयर मार्शल एचएस अरोड़ा से की बात
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबकि, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज की घटना के बारे में जम्मू में वायुसेना स्टेशन पर वाइस एयर चीफ, एयर मार्शल एचएस अरोड़ा से बात की है। एयर मार्शल विक्रम सिंह स्थिति का जायजा लेने जम्मू पहुंच रहे हैं। एयरबेस के पास ड्रोन विस्फोट में भारतीय वायुसेना के दो कर्मियों को मामूली चोटें आईं हैं। मकवाल बॉर्डर से एयरपोर्ट की दूरी कर रही है पाकिस्तान की साजिश की ओर इशारा
बता दें कि हवाई मार्ग से एयरपोर्ट से मकवाल बॉर्डर की दूरी करीब पांच किलोमीटर है। इसके साथ यह बात भी सामने आ रही है कि ड्रोन में जीपीएस लगा था। आशंका जताई जा रही है कि इस ड्रोन को सीमा पार से हैंडल किया जा रहा था। हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों ने बताया कि विस्फोटों में आतंकवादी नेटवर्क की संभावित संलिप्तता समेत विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और भारतीय वायुसेना के अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक भी हुई है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने वायुसेना स्टेशन पर हुए दोहरे विस्फोट को आतंकी हमला करार दिया है।

एनआईए की टीम और एनएसजी कमांडो मौके पर पहुंचे
एनआईए की टीम और एनएसजी कमांडो एयरपोर्ट पहुंचे हैं। इसके साथ ही डीआईजी सीआरपीएफ भी वायुसेना स्टेशन पहुंचे हैं। घटनास्थल का चप्पा-चप्पा खंगाला जा रहा है। इसके लिए कई विशेष उपकरणों की भी मदद ली जा रही है। एयरपोर्ट में दो धमाकों की घटना से जम्मू में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा है कि वायुसेना स्टेशन पर आज पहले दो कम तीव्रता वाले विस्फोटों के बाद गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच जारी है। उधर वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, जो आधिकारिक दौरे पर बांग्लादेश में हैं, लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। मामले की जांच के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पश्चिमी वायु कमांडर एयर मार्शल वीआर चौधरी जम्मू वायुसेना स्टेशन में हैं।

विज्ञापन

सभी एयरफोर्स स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ाई गई, जम्मू में हाई अलर्ट

जम्मू एयरफोर्स स्टेशन, उधमपुर समेत सभी एयरफोर्स स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जम्मू में हाई अलर्ट है। माता वैष्णो देवी धाम के साथ ही अन्य प्रमुख स्थलों की सुरक्षा कड़ी की गई है। एयरफोर्स स्टेशन में ड्रोन घुसने की घटना सुरक्षा संबंधी कई सवाल खड़े कर रही है। बता दें कि पाकिस्तान सीमावर्ती इलाकों में लगातार ड्रोन के जरिए रेकी कर रहा था। 

पी-16 ड्रोन के जरिए कराए गए धमाके
बताया जा रहा है कि इस साजिश को अंजाम देने के लिए पी-16 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। ये ड्रोन काफी नीचे उड़ सकता है। इसकी वजह से कई बार यह रडार की नजर से भी बच जाता है। सूत्रों का कहना है कि ड्रोन का संभावित लक्ष्य म्यूजियम बिल्डिंग और एयरक्राफ्ट था।

किसी भी उपकरण को कोई नुकसान नहीं, जांच जारी- वायुसेना
इस घटना को लेकर वायुसेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जम्मू वायुसेना स्टेशन के तकनीकी क्षेत्र में रविवार तड़के दो कम तीव्रता वाले विस्फोटों की सूचना मिली। एक धमाके ने एक इमारत की छत को मामूली नुकसान पहुंचाया जबकि दूसरा धमाका खुले क्षेत्र में हुआ। किसी भी उपकरण को कोई नुकसान नहीं हुआ। सिविल एजेंसियों के साथ जांच जारी है।

जम्मू हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि दो उड़ानों को रद्द किया गया, अन्य सभी उड़ानें सामान्य हैं। 


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें