कश्मीर घाटी की प्रसिद्ध डल झील किनारे स्थित निशात और शालीमार मुगल गार्डन के संरक्षण के लिए मुंबई की संस्था से एमओयू किया गया है। मुंबई की संस्था जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन और जम्मू-कश्मीर सरकार में करार से अब दोनों गार्डन अपने विरासती स्वरूप में संरक्षित किए जाएंगे। कश्मीर में मुगल गार्डन प्रभारी जावेद अहमद मसूदी ने बताया कि कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के तहत यह करार किया गया है।
सरकार ने पहले ही मुगल गार्डन के लिए कंसलटेंट नियुक्त किया है। मुंबई की संस्था कंसलटेंट की देखरेख में काम करेगी। मसूदी ने बताया कि दोनों मुगल गार्डन बेहद लोकप्रिय हैं। इनका ऐतिहासिक महत्व है। इसे देखते हुए मुगल गार्डन को इनके विरासती स्वरूप में पूरी तरह से संरक्षित किया जाएगा। इस कार्य के लिए दो वर्ष की अवधि तय की गई है। वहीं, इस फैसले पर स्थानीय लोगों की राय मिलीजुली है। स्थानीय निवासी तनवीर ने कहा कि मुगल गार्डन कश्मीर का गौरव हैं।
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इनके संरक्षण के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है। एक अन्य स्थानीय मोहम्मद अमीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जिस तरह के राजनीतिक हालात हैं, यह कहना मुश्किल है कि मुगल गार्डन अपने ऐतिहासिक स्वरूप में लौटकर संरक्षित किए जा सकेंगे। इस बीच पर्यटकों ने फैसले को अच्छा कदम बताया। पर्यटक गौरव ने कहा कि कश्मीर में आने वाले सैलानी निशात और शालीमार मुगल गार्डन में जरूर आते हैं।