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उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा: कॉलेजों को खोलने के लिए टीकाकरण अभियान में लाई जा रही तेजी

Sat, 11 Sep 2021 02:36 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

प्रदेश में शिक्षण संस्थान खोलने के लिए युद्धस्तर पर कोविड टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।
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उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : @manojsinha_
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि प्रशासन जल्द से जल्द शिक्षण कार्य बहाल करने के लिए कॉलेज के सभी छात्रों और कर्मचारियों को तेजी से टीकाकरण करने की कोशिश कर रहा है। सिन्हा ने कहा कि हम 18 वर्ष से अधिक उम्र के छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रोफेसरों और शिक्षक का टीकाकरण करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि हम कॉलेज में पढ़ाई फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार हो सकें। एसकेआईसीसी में एक कार्यक्रम के दौरान उप-राज्यपाल ने बताया कि इस संबंध में एक विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।

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बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कॉलेजों में अब कक्षाएं लगाई जा सकेंगी। प्रदेश कार्यकारी कमेटी की ओर से हिदायत के बाद उच्च शिक्षा सचिव ने आदेश जारी किया है। अभी तक कॉलेज विद्यार्थियों की कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से भी लगाई जा रही हैं। शुक्रवार को उच्च शिक्षा विभाग की सचिव सुषमा चौहान ने आदेश जारी कर दिया। इसमें कहा गया है कि सभी स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों को कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद ही कॉलेजों में कक्षाएं लगाई जा सकेंगी। इस दौरान कोरोना महामारी रोकथाम से जुड़े दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।
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बता दें कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर में दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए सशर्त स्कूलों को खोलने की सरकार ने मंजूरी प्रदान की गई थी। इन शर्तों में अभिभावकों की सहमति के अलावा टीकाकरण या कोरोना टेस्ट करवाना होगा। इंजीनियरिंग, नीट और सिविल सेवाओं की कोचिंग वाले केंद्रों को भी खोलने की मंजूरी भी सशर्त दी गई। मुख्य सचिव डॉ अरुण कुमार मेहता की अध्यक्षता वाली आपदा प्रबंधन विभाग की राज्य कार्यकारी कमेटी ने इस बारे में नई निर्देशावली को जारी किए थे। आदेश में कोरोना उपयुक्त व्यवहार के सुनिश्चित होने और जिला उपायुक्त की मंजूरी से दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले गए।
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अभिभावकों की सहमति और आरटीपीसीआर या आरएटी टेस्ट करवाने के बाद 50 फीसदी बच्चों को कक्षा में पढ़ाई करने दी जाएगी। बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों की उपस्थिति भी 50 फीसदी ही होगी। शत प्रतिशत टीकाकरण करवा चुके 12वीं के विद्यार्थी अभिभावकों की मंजूरी से स्कूल आ सकेंगे। टीका लगवा चुके स्टाफ के सदस्य उन्हें पढ़ाई करवाएंगे। अगर किसी शिक्षक या विद्यार्थी में बुखार, सर्दी या खांसी जैसे लक्षण पाएं जाए तो उसे स्कूल गेट के अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा। स्कूल प्रमुख को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोविड नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित होगा।

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