फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: हाईकोर्ट ने जताई चिंता, कहा- अतिवाद, कट्टरवाद और आतंकवाद वर्तमान जीवन के लिए सबसे चिंताजनक

Sun, 14 Nov 2021 02:30 AM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर

सार

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि अतिवाद, कट्टरवाद और आतंकवाद समसामयिक जीवन के सबसे चिंताजनक पहलु हैं। इसी टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक मददगार पर जन सुरक्षा अधिनियम हटाने की याचिका खारिज को खारिज कर दिया। 
विज्ञापन
court news : court - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि अतिवाद, कट्टरवाद और आतंकवाद समसामयिक जीवन के सबसे चिंताजनक पहलु हैं। इसी टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक मददगार पर जन सुरक्षा अधिनियम हटाने की याचिका खारिज को खारिज कर दिया। जस्टिस ताशी राबस्तन ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाली एक व्यक्ति की गतिविधि हो या समूह में, इसकी व्यापकता पूरे समाज को प्रभावित करती है। दया के नजरिए से कोई भी अदालत इस पहलु को नजरअंदाज नहीं कर सकती।

विज्ञापन


अभियोजन के अनुसार पुलवामा के राजपोरा का रहने वाला मुंतजिर अहमद भट अरिहल गांव में हुए आईईडी विस्फोट और गोलीबारी से हमले में मुख्य आरोपी यासिर अहमद परे के साथ शामिल था। इस हमले में सैन्य जवान शहीद हो गया था जबकि कई जवान घायल हुए थे। भट ने परे के साथ मिलकर विस्फोट के मकसद से मारुति कार खरीदी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि हिंसक व्यवहार नया नहीं है, लेकिन अतिवाद, कट्टरवाद और आतंकवाद ने इसे पूरे दुनिया के लिए असाधारण खतरा बना दिया है।

किसी भी राज्य के लिए लोकतंत्र, सुरक्षा, सार्वजनिक कायदा, नियम-कानून और संप्रभुता मुख्य बिंदु होते हैं और आतंकी गतिविधियां इन सभी पर हमला हैं। इस आधार पर याचिका खारिज की जाती है। गौरतलब है कि भट जुलाई 2021 में पीएसए लगाए जाने के बाद से जेल में है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें