जम्मू-कश्मीर में कोरोना कर्फ्यू
- फोटो : बासित जरगर
संक्रमण पर काबू पाने के लिए सरकार ने प्रदेश के सभी 20 जिलों में कोरोना कर्फ्यू को 31 मई तक बढ़ा दिया है। कुछ आवश्यक सेवाओं को छोड़कर कर्फ्यू सख्त होगा। आर्थिक गतिविधियों को नुकसान न हो इसके लिए जिला उपायुक्तों को सीमित लचीलापन बरतने का निर्देश भी दिया गया है।
बता दें कि दोनों संभागों में लॉकडाउन आदेशों को जमीन पर सख्ती से लागू कराया जा रहा है। इसका ही नतीजा है कि पिछले एक महीने से कोरोना के संक्रमण कारण बनी स्थिति में अब सुधार आने लगा है। पिछले कुछ दिनों में कोरोना के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में गिरावट आने लगी है। इसके अलावा कई जिलों में कोरोना संक्रमित मरीजों की रिकवरी दर में सुधार भी हुआ है।
उधर, कश्मीर घाटी का सबसे बड़ा अस्पताल शेर-ए-कश्मीर इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) का टेली कंसल्टेंसी रूम के दृश्य आजकल के किसी वॉर रूम से कम नहीं। इस रूम में मौजूद डॉक्टर रोजाना सुबह 10 से शाम चार बजे तक हजार से भी अधिक कॉल्स रिसीव करते हैं।
टेली कंसल्टेंसी के लिए स्किम्स प्रबंधन ने पहले से ही अपनी वेबसाइट पर सभी नंबर जारी किए हैं। जिस किसी मरीज को डॉक्टरों से कोई सलाह लेनी होती है, वह कॉल कर सलाह लेते हैं। डॉक्टरों के अनुसार यह स्थिति किसी युद्ध से काम नहीं। और वह एक दुश्मन से लड़ रहे हैं जो दिखता ही नहीं। जनरल मेडिसिन के सीनियर रेजिडेंट डॉ. समीर ने बताया कि अगर वह अपने विभाग की बात करें तो दो डॉक्टर लगातार ड्यूटी दे रहे हैं।
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