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जम्मू-कश्मीर: घाटी में तीन मुठभेड़, छह आतंकी ढेर, एक जवान शहीद

Thu, 16 May 2019 06:10 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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दालीपोरा में मुठभेड़ स्थल की ओर जाते जवान - फोटो : अमर उजाला
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कश्मीर घाटी में वीरवार को हुई तीन अलग-अलग मुठभेड़ों में दक्षिणी कश्मीर में छह आतंकियों को मार गिराने में सुरक्षा बलों को भारी कामयाबी हाथ लगी। इनमें एक आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का टॉप कमांडर था जो पुलवामा जिले के लेथपोरा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए फिदायीन हमले का मास्टर माइंड था। 

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पहली मुठभेड़ दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के डालीपोरा गांव में हुई। वीरवार को तड़के करीब तीन बजे सेना की 55 राष्ट्रीय राइफ ल्स (आरआर), सीआरपीएफ और एसओजी ने आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर तलाशी अभियान चलाया। ऑपरेशन की शुरुआत में जब जवान इलाके से स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे थे तो एक मकान में छिपे आतंकियों ने घेरा सख्त होता देख जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसमें सेना का जवान संदीप (बेहलबा, रोहतक-हरियाणा) शहीद हो गया। क्रास फायरिंग में एक स्थानीय रईस डार की भी गोली लगने से मौत हो गई। मुठभेड़ में घायल एक स्थानीय व्यक्ति को इलाज के लिए श्रीनगर रेफर किया गया है। दो अन्य घायल सेना के जवानों को श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल ले जाया गया।

जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई जिसमें तीन आतंकियों को मार गिराया गया। इनकी शिनाख्त करीमाबाद पुलवामा के नसीर पंडित, शोपियां के उमर मीर और पाकिस्तान के खालिद भाई के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार मारे गए तीनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित थे और उनका लंबा क्राइम रिकॉर्ड था। अधिकारी ने बताया कि नसीर पंडित का एक लंबा क्राइम रिकॉर्ड था। 2018 में पुलवामा में ईद के दौरान एक पुलिस कर्मी की हत्या के पीछे भी उसका हाथ था। इतना ही नहीं इसके अलावा वह हथियार छीनने की कई वारदातों को भी अंजाम दे चुका था।
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पुलिस ने बताया कि खालिद भाई और उमर मीर भी कई आतंकी वारदातों को अंजाम दे चुके थे। इस बीच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खालिद भाई पिछले आठ वर्षों से सक्रिय था। वह वर्ष 2017 में लेथपोरा पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए फि दायीन हमले का मास्टरमाइंड था। इस हमले में पांच जवान शहीद हुए थे। 
 



 
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शोपियां में शाम को मुठभेड़, तीन आतंकी ढेर

शाम करीब 4 बजे दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले के हंडेव गांव में मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब इलाके में सेना की 44आरआर, सीआरपीएफ और एसओजी के जवानों द्वारा आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। घेरा सख्त होता देख आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकियों को मार गिराया गया। एक सेना का जवान भी घायल हुआ जिसे श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल आतंकियों की शिनाख्त नहीं हो पाई है।

कुपवाड़ा में भाग निकले आतंकी
उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा के कंडी इलाके में सुबह 11 बजे के करीब मुठभेड़ शुरू हुई जब सेना की 47 आरआर, 28आरआर और एसओजी द्वारा कंडी जंगल क्षेत्र के पोर्टल नाड़ और राजधान नाड़ के बीच तलाशी अभियान चलाया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान आतंकियों के साथ कांटैक्ट हुआ और दोनों ओर से भारी फायरिंग शुरू हुई। कुछ देर तक चली फायरिंग के बाद इलाके में सन्नाटा पसर गया। सूत्रों की मानें तो आतंकी चकमा देकर फ रार होने में कामयाब रहे। देर शाम तक तलाशी अभियान चलता रहा, लेकिन खराब मौसम सर्च ऑपरेशन में बाधा डाल रहा है।

मुठभेड़ के दौरान भड़की हिंसा
पुलवामा मुठभेड़ के दौरान पुलवामा और शोपियां के कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन भी देखने को मिले। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े। इलाके में तनाव बढ़ता देख प्रशासन द्वारा पुलवामा में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लागू कर दी गई। और इस बीच शोपियां और पुलवामा में बंद देखने को मिला। इलाके में मुठभेड़ शुरू होने की खबर फैलने के साथ ही स्थानीय युवा सड़कों पर उतर आए और मुठभेड़ स्थल की ओर जाने की कोशिश करने लगे। सुरक्षाबलों ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।
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