राजोरी और पुंछ में आतंकी वारदातों के लिए खास प्रशिक्षण लेकर आए लश्कर-ए-ताइबा के पाकिस्तानी आतंकी को मंगलवार सुरक्षा बलों ने बहरामगला क्षेत्र में ढेर कर दिया। उसका एक साथी जंगल में भाग निकला। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली है। आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन देर शाम तक जारी था। मारे गए आतंकी की पहचान पाकिस्तान के रहने वाले अबू जरारा के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक एके-47 राइफल, चार मैगजीन, एक ग्रेनेड, पाउच, भारतीय मुद्रा के कुछ रुपये बरामद हुए हैं।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि सोमवार की देर शाम सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस को बैहरामगला क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली। इस पर सेना की 16 आरआर, एसओजी और सुरनकोट पुलिस ने क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। मंगलवार तड़के उजाला होते ही आतंकियों से मुठभेड़ शुरू हो गई। कुछ ही देर में एक आतंकी को मार गिराया गया। राजोरी-पुंछ में इस साल यह आठवां आतंकी मारा गया है।
अबू जरारा को पीर पंजाल के दक्षिणी हिस्से में आतंकी गतिविधियां अंजाम देने की पाकिस्तान में खास ट्रेनिंग दी गई थी। रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि राजोरी सेक्टर में इससे पूर्व आतंकियों का कुख्यात गाइड हाजी आरिफ भी मारा गया था। पाकिस्तान की ओर से राजोरी-पुंछ में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने की कोशिश की जा रही है। अबु जरारा को मार गिराने में स्थानीय लोगों की भूमिका अहम रही है। समय से सटीक सूचना मिलने पर ही आतंकी को मार गिराया गया।
अगस्त माह से दे रहा था गच्चा
राजोरी और पुंछ जिलों के जंगलों में इस साल अगस्त माह में आतंकियों की मौजूदगी का पता चला था। रक्षा प्रवक्ता के अनुसार आतंकी इलाके के घने जंगलों में जाकर छिप गए थे। सुरक्षा बलों की घेराबंदी ने आतंकियों को आबादी वाले इलाके से दूर जाने को मजबूर किया। आतंकियों को खाने, कपड़ों और मोबाइल फोन के लिए ग्रामीणों तक पहुंचना पड़ा, जहां से सुरक्षा बलों को सूचना मिल गई। सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने आतंकियों की मूवमेंट पर नजर रखी। इसी रणनीति के तहत आतंकियों को पीर पंजाल के ऊंचाई वाले इलाकों की ओर जाने को मजबूर किया गया। इसी वजह से ऑपरेशन को अंजाम देने में सुरक्षा बलों को कोई परेशानी नहीं आई।
सेना पर हमलों में अबू जरारा के हाथ पर अभी जांच जारी
बहरामगला क्षेत्र में ढेर किए गए आतंकी का सुरनकोट के चमरेड़ और मेंढर के भाटादूड़ियां में सैन्य टुकड़ियों पर हमले में हाथ था या नहीं, इसका अभी खुलासा नहीं हो पाया है। इसकी जांच अभी जारी है। दो जगह घात लगाकर किए गए हमले में सेना के दो जेसीओ समेत नौ जवान शहीद हो गए थे।