कुलगाम जिले का देवसर विधानसभा क्षेत्र, ये वो इलाका है जो पत्थरबाजी का जिक्र आते ही सबसे पहले जहन में आता है। यहां के कैमूह, फ्रिसल, खुदवानी इलाके पत्थरबाजों के लिए बदनाम रहे हैं। अब यहां के लोगों में मतदान में बाजी मारने का इरादा है।
जीत की बाजी लगाने उतरे यहां नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी व कांग्रेस सहित नौ उम्मीदवार आमने-सामने है। हालांकि मुकाबला त्रिकोणीय बनता नजर आ रहा है। वर्ष 2014 में कांग्रेस की तरफ से जीत दर्ज करने वाले मोहम्मद अमीन अब कांग्रेस के खिलाफ गुलाम नबी आजाद की पार्टी डीपीएपी से लड़ रहे हैं।
वहीं इन तीनों की लड़ाई में पीडीपी के सरताज मदनी उम्मीद की किरण ढूंढ रहे हैं। वह दो बार इस सीट पर विधायक रहे चुके हैं। गठबंधन के चलते नेकां और कांग्रेस एक-दूसरे के खिलाफ फ्रेंडली मैच खेल रहे हैं। कांग्रेस ने अमानुल्लाह मंटू तो नेकां ने पीरजदा फिरोज अहमद को मैदान में उतारा है।
पीडीपी की तरफ से सरताज मदनी मैदान में हैं। रिश्ते में यह पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के अंकल हैं। सरताज मदनी वर्ष 2014 में पीडीपी की तरफ से लड़े थे। 20162 वोट लेकर वह कांग्रेस के मोहम्मद अमीन भट्ट से 1511 वोट से हार गए। इस बार मदनी फिर पीडीपी की तरफ से मैदान में हैं। नेकां-कांग्रेस गठबंधन के बावजूद अलग-अलग लड़ रहे हैं।
क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे
नगरपालिका से पंचायतों को अलग करना
चौबीस घंटे और सस्ती बिजली ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की हालत सुधारना
पर्यटन, कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहित करना
दस वर्ष में ये मिला
हर घर नल से जल पहुंचा
हाईवे समेत ग्रामीण सड़कें ठीक हुईं
क्षेत्र में कारोबार बढ़ा
पत्थरबाजी छोड़ युवा मुख्यधारा में आए
क्षेत्र की खासियत
देवसर राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिशीलता का अनूठा मिश्रण है। यह क्षेत्र की राजनीतिक कहानी को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
संपूर्ण विकास कराने वाला प्रत्याशी हो
क्षेत्र के लोग चाहते हैं कि उन्हें अच्छी सड़क मिले। चौबीर घंटे बिजली मिले और क्षेत्र के पर्यटन स्थलों का विकास हो। ऐसा विधायक हो, जोकि क्षेत्र का संपूर्ण विकास कराए। किसी तरह का पक्षपात न हो। हर किसी की तरफ बराबर ध्यान दिया जाए।