जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) पदाधिकारियों की खींचतान के साथ फंड की भारी कमी से जूझ रही है। बीसीसीआई की ओर से करीब चार साल से फंड जारी नहीं किए जा रहे हैं। इससे रियासत में क्रिकेट गतिविधियों को बढ़ावा नहीं मिल पाया है।
एसोसिएशन में मार्च, 2012 में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आने के बाद बीसीसीआई ने फंड जारी नहीं किया है। हालांकि कानूनी प्रक्रिया के तहत इस मामले पर कार्रवाई हो रही है। फंड के लिए एसोसिएशन के पदाधिकारी बीसीसीआई की शरण में जा रहे हैं।
चेयरमैन अरविंदर सिंह मिक्की ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि वह मंगलवार को दिल्ली जा रहे हैं और अगले एक-दो दिन में बीसीसीआई के महासचिव अनुराग ठाकुर से मुलाकात कर फंड जारी करने के लिए आग्रह करेंगे।
एसोसिएशन में वर्ष 2012 में करोड़ों रुपये के हेरफेर का मामला सामने आने पर एसोसिएशन प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए राम मुंशी बाग पुलिस स्टेशन श्रीनगर में सीएओ और महासचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी।
एसोसिएशन में करोड़ों रुपये के घोटाले का बीसीसीआई ने भी कड़ा संज्ञान लिया था और जेकेसीए को सारी फंडिंग बंद कर दी गई। इस बीच बीसीसीआई पदाधिकारियों में भी बदलाव होता रहा, लेकिन जेकेसीए को फंड जारी करने में कुछ खास नहीं हो पाया है।
फंड की कमी से शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम श्रीनगर, जीजीएम साइंस कालेज का हास्टल ग्राउंड सहित अन्य ढांचे को मजबूत नहीं बनाया जा सका है। क्रिकेट की गाड़ी को गति देने में भी फंड की कमी रोड़ा बनती रही है।
सितंबर, 2014 में कश्मीर में आई भीषण बाढ़ में शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम को भारी नुकसान हुआ था, लेकिन फंड की कमी से अभी तक मैदान को पूरी तरह से दुरुस्त नहीं किया जा सका है। अब अगर केंद्र से जेकेसीए की झोली में कुछ डाला जाता है तो उम्मीद है कि जेकेसीए मैदानों की हुई बदतर हालत में सुधार कर पाएगा।