अनुसूचित जाति, जनजाति एक्ट के तहत उधमपुर पुलिस थाने में दर्ज एक एफआईआर में जांच पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इस मामले में एक महिला ने अपने पड़ोसियों पर जाति आधारित आपत्तिजनक शब्द, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया था। जस्टिस रजनीश ओसवाल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि एफआईआर में जांच पर अगली तारीख तक स्टे लगाया जाता है।
मामले में शिकायतकर्ता उधमपुर के भारत नगर की रहने वाली महिला है। शिकायतकर्ता के अनुसार छोटू, उसके पिता तरलोक गिर और जसवंत चंडियाल निवासी वार्ड नंबर 1 भारत नगर के घर सड़क के ऊपरी ओर हैं, जबकि उसका घर सड़क से नीचे। इन तीन घरों का गंदा पानी जानबूझ कर सड़क पर फेंका जाता है, जहां से यह पानी उसके घर में आता है। जब उन्हें ऐसा न करने के लिए बोला गया तो तीनों ने जाति सूचक और बेहद आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर जान से मारने की धमकी दी।
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पुलिस ने शिकायत का संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज की। कोर्ट में आरोपी पक्ष के वकील ने कहा कि यह मामला केवल जानबूझ कर फंसाने का है। यदि इसमें सच्चाई होती तो पहले दी गई शिकायत में इसका जिक्र होता। इस पर कोर्ट ने सरकारी वकील से सीडी फाइल पेश करने को कहा। साथ ही अगली तारीख तक एफआईआर में जांच पर रोक लगाने के आदेश दिए।