डिजिटल लॉकर में लाइसेंस और आरसी (सांकेतिक तस्वीर)
आम लोग आरटीओ व एआरटीओ कार्यालय के चक्कर न काटे इसके लिए प्रदेश सरकार डीलर प्वाइंट पर वाहनों के पंजीकरण की व्यवस्था शुरू की। व्यवस्था शुरू होने के बाद भी वाहन मालिकों को आरटीओ व एआरटीओ कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे है। इसका कारण है वाहन मालिकों को वाहन का आरसी नहीं मिलना है। आरटीओ जम्मू में ही ऐसे 100 से अधिक मामले लंबित होंगे, जिनमें वाहन मालिक को आरसी नहीं मिली है।
आरएसपुरा के संजीव ने कहा कि पिछले वर्ष नवंबर में जानीपुर स्थिति शोरूम से बाइक खरीदी थी। बाइक खरीदने के बाद पंजीकरण शुल्क भर दिया और कुछ वाहन को नंबर भी लग गए। अब वाहन खरीदने के दस महीने बाद भी आरसी नहीं मिल रहा है। डीलर आरटीओ कार्यालय में फाइल अटकी होने की बात करता है। जानीपुर स्थिति वाहन डीलर ने कहा कि आरटीओ कार्यालय में हमारी सुनवाई नहीं है।
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जब विभाग ने वाहन के पंजीकरण से लेकर आरसी व नंबर प्लेट लगाने की व्यवस्था डीलर को सौपी तो, इस प्रक्रिया से पहले वाले मामले आरटीओ कार्यालय में अटके गए। विभाग में इसमें यह तर्क दे रहा है डीलर एम महीने में पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है, अब उसे जुर्माना देना होगा। विभाग ने बिना डीलर को अवगत किए यह प्रक्रिया शुरू की और वाहन पंजीकरण शुल्क के बराबर जर्मुना थौंप दिया। उन्होंने कहा कि विभाग डीलर से मनमानी कर रहा है।
वाहन डीलर को वाहन पंजीकरण की प्रक्रिया को एक महीने में पूरा करना होता है। ऐसे मामले हमारे संज्ञान है, लेकिन इन मामलों में डीलर पर पंजीकरण प्रक्रिया में देरी करने पर जुर्माना लगाया है। जब डीलर जुर्माना नहीं देगा, प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। काफी डीलर ने जुर्माना भरा और कुछ ही मामले लंबित है।
- धंतर सिंह, आरटीओ, जम्मू