सरकारी राशन वितरण में भी कालाबाजारी चल रही है। कोरोना कर्फ्यू के बीच गरीब लोगों को दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना मुश्किल हो गया है। वहीं, डिपो से राशन भी कम मिल रहा है। केंद्र सरकार पांच किलो मुफ्त राशन प्रति सदस्य गरीब परिवारों को दे रही है। लेकिन, कुछ राशन डीलर पांच किलो राशन प्रति सदस्य के बजाय कम दे रहे हैं।
यानी पांच सदस्य होने पर उन्हें सिर्फ दस किलो राशन दिया जा रहा है, जबकि सरकारी गोदामों में सदस्यों के हिसाब से राशन डिपो को भेजा गया है। जरूरतमंद लोगों के पास जानकारी का अभाव होने से वे वापस लौट रहे हैं। जानीपुर, बख्शीनगर और रेशमघर कॉलोनी से कुछ राशन कार्डधारकों ने बताया कि उन्हें प्रति सदस्य के हिसाब से मुफ्त राशन कम मिला है। घर की हालत पहले ही खराब चल रही है।
अब ऊपर से राशन भी पूरा नहीं मिल पाया है। गौर हो कि कोरोना महामारी के बीच गरीब लोगों को निशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है। लोगों को मई और जून का पांच किलो प्रति सदस्य राशन वितरित किया जा रहा है। प्रदेश में 66.26 लाख एएवाई और एनएचएच राशन कार्डधारक लाभान्वित होंगे।
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राशन वितरण की दिक्कतें चल रही हैं। इस बारे में शिकायतें मिल रही हैं, इस पर जांच की जा रही है। राशन निर्धारित मापदंड के हिसाब से डिपो में जाता है। कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- शगुन शर्मा, उपनिदेशक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग