सीबीआई कोर्ट श्रीनगर ने ग्रामीण बैंक के एक कर्मी पर 1.33 करोड़ रुपये के घोटाले में आरोप तय कर दिए हैं। स्पेशल जज जतिंदर सिंह जमवाल ने आरोपी शरीक हुसैन खान पर धोखाधड़ी और घोटाले के आरोप तय किए हैं। सीबीआई के मुताबिक बैंक के सीनियर मैनेजर फरहान गुल की तरफ से सीबीआई के पास शिकायत की गई थी। इसमें बताया गया कि शरीक ने 1.33 करोड़ रुपये का घोटाला किया है।
बैंक के कंप्यूटर सिस्टम के साथ छेड़छाड़ करके ऐसा किया गया। इसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच की और इसमें पाया कि आरोपी ने गबन किया है। अपने पद का दुरुपयोग करके घोटाला किया। जज ने दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद कहा कि आरोपी पर आईटी एक्ट, भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोप साबित होते हैं।
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पुलिस कर्मी समेत दो की जमानत अर्जी खारिज
कठुआ अतिरिक्त जिला जज ने पुलिस कर्मी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। आरोपी पुलिस कर्मी मंजूर अहमद जेल में जब्त हेरोइन को निकाल कर नशेड़ियों में बेच देता था। इसके साथ एक और आरोपी राम सरूप भी पकड़ा गया है। बुधवार को दोनों की जमानत अर्जी पर जज कमलेश पंडिता ने सुनवाई की।
पिछले महीने ही पुलिस ने राम सरूप को पकड़ा था। जिसके पास से 40 ग्राम हेरोइन मिली। जब इससे पूछताछ हुई तो पता चला कि राम सरूप ने जिला कोर्ट में तैनात एक पुलिस कर्मी मंजूर से यह हेरोइन ली थी। जबकि मंजूर ने यह हेरोइन पुलिस के मालखाने में जब्त हेरोइन की खेप में से ली थी। जज ने दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद कहा कि नशा समाज को खोखला कर रहा है। खासकर युवा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है। ऐसे में आरोपियों को जमानत देना उचित नहीं। जेएनएफ