गृह विभाग के वित्तीय आयुक्त आरके गोयल ने बताया कि नई प्रणाली में जेलों में अनधिकृत संचार में 2जी, 3जी और 4जी सिगनलों को रोकने में मदद मिलेगी। इस परियोजना प्रस्ताव में 21.26 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय शामिल है।
जम्मू-कश्मीर की जेलों में अनधिकृत संचार पर रोक लगेगी। इसके लिए प्रदेश की 14 जेलों में सामंजस्यपूर्ण कॉल अवरोधक प्रणाली (एचसीबीएस) स्थापित की जा रही है। इससे देशविरोधी तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगेगा। इस प्रणाली में अत्याधुनिक टावर स्थापित किए जाएंगे।
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इस व्यवस्था में जेलों में कैदी परिसरों में इनकमिंग और आउटगाेइंग काॅल को रोकने के साथ एसएमएस और डेटा सेवाओं पर रोक रहेगी। गृह विभाग के वित्तीय आयुक्त आरके गोयल की ओर से जारी एक आदेश में बताया गया है कि नई प्रणाली में जेलों में अनधिकृत संचार में 2जी, 3जी और 4जी सिगनलों को रोकने में मदद मिलेगी।
इसमें 5जी सिगनल रोकने का प्रावधान भी होगा। इस परियोजना प्रस्ताव में 21.26 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय शामिल है। इसमें 19.04 करोड़ एक बार की लागत है और 1.76 करोड़ रुपये प्रति वर्ष अवसंरचना प्रदाताओं को किराए के कारण आवर्ती लागत है।
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प्रदेश सहित देशभर की जेलों में अक्सर शिकायत रही है कि अपराधी व देश विरोधी तत्व संचार व्यवस्था का लाभ उठाकर अपनी गतिविधियां जारी रखते रहे हैं। इसका मुख्य कारण बाहरी संचार व्यवस्था का जेल परिसरों में बीच में पहुंचना होता है।