नगरोटा के बन टोल प्लाजा पर 42 लाख रुपये के साथ पकड़े गए तीनों संदिग्ध आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करने वाले ओजी वर्कर निकले। तीनों ने खुद को सेब कारोबारी बताया था। बरामद रकम पंजाब में नशा तस्करों से लाई गई थी। तीन ओजी वर्कर नशीले पदार्थों की खेप लेकर पंजाब गए थे और वहां से पैसा लेकर लौट रहे थे। नशा तस्करी से लाए गए पैसे को जैश के आतंकियों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस ने इन तीनों के साथियों की धरपकड़ के लिए दो टीमों को पंजाब और कश्मीर भेजा है।
पुलिस ने पुख्ता सूचना पर मंगलवार को नगरोटा बन टोल प्लाजा पर तीन लोगों को पकड़ा था। इनमें फयाज अहमद डार निवासी मिशीपुर कुलगाम, उमर फारूक और मौजाम परवेज निवासी ढिलीपुरा पुलवामा शामिल हैं। जानकारी के अनुसार यह लोग जम्मू से श्रीनगर जा रही इनोवा कार नंबर डीएल1जेडबी- 8261 में सवार होकर जा रहे थे। कार में 8 लोग और भी थे। जम्मू पुलिस की सूचना पर नगरोटा पुलिस ने इनको टोल प्लाजा के पास जांच के लिए रोका। इसी दौरान तीनों को दबोच लिया गया। इनमें से कुलगाम के रहने वाले फयाज के पास से 42 लाख रुपये की नकदी मिली।
एसएसपी चंदन कोहली ने बताया कि पुलिस को पुख्ता सूचना थी कि पंजाब से कश्मीर में बड़े स्तर पर नकदी ले जाई जा रही है। पुलिस ने विशेष टीम गठित की और नगरोटा के सिद्दड़ा पुल पर कश्मीर जाने वाले इनोवा वाहन को चेकिंग के लिए रोका। इसमें बैठे तीन संदिग्धों को पकड़ा गया, जिनसे पैसा बरामद हो गया। यह लोग पैसों को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। कड़ी पूछताछ में बताया कि वह लोग जैश ए मोहम्मद के लिए काम करते हैं। तीनों पीओके में बैठे आतंकी हैंडलरों और कश्मीर में बैठे हैंडलरों के संपर्क में हैं। इनके संपर्क में कुछ और लोग भी हो सकते हैं। मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।