अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की जन सुरक्षा अधिनियम के तहत की गई गिरफ्तारी को जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। मसर्रत आलम के वकील मियां अब्दुल कयूम के अनुसार जस्टिस मुजफ्फर हुसैन अतार ने 45 वर्षीय मसर्रत आलम की पीएसए के तहत कैद को रद्द कर दिया है।
मसर्रत आलम को 17 अप्रैल को हिरासत में लिया गया था। नई दिल्ली से लौट रहे हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के स्वागत में आयोजित रैली के दौरान पाकिस्तानी झंडा फहराने और देश विरोधी नारेबाजी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
अलगाववादी नेताओं सहित मसर्रत के खिलाफ अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रीवेंशन एक्ट की धारा 13 के अलावा आरपीसी की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।