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टॉपर छात्र की मौत के बाद बोर्ड पर कारवाई का फैसला

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राज्य सरकार ने स्टेट बोर्ड टेक्निकल एजुकेशन के उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला लिया है, जिनकी लापरवाही के चलते एक इंजीनियरिंग के छात्र की मौत हुई थी।
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इसकी जानकारी श्रीनगर में मंगलवार को टेक्निकल एजुकेशन मंत्री इमरान रजा अंसारी ने दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी हद तक अदनान अशरफ के मामले में इंसाफ कर पाएगा, जिसमें परीक्षा में फेल होने के चलते उसने आत्महत्या की थी, जबकि बाद में वह टॉपर बना।

श्रीनगर में टेक्निकल एजुकेशन मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय द्वारा स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन को उन सभी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, जो इस लापरवाही में शामिल हैं।
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उन्होंने आरोपी लेक्चरर के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के साथ-साथ अधिकारी को डेडवुड घोषित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा लेक्चरर को उसकी सेवाओं से रिटायर करने के लिए भी स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन को निर्देश दिए हैं।
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मृतक छात्र के पिता ने सरकार के फैसले पर जताई असंतुष्टि

अंसारी ने कहा कि मैने विभाग की लापरवाही के लिए स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा मूल्यांकन प्रणाली में सुधार के लिए काफी गुंजाइश है। इस पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।

वहीं अदनान के पिता मोहम्मद अशरफ ने सरकार के इस फैसले से असंतुष्टि जताते हुए कहा कि केवल एक लेक्चरर इस लापरवाही में शामिल नहीं हो सकता। अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार ने जिस परीक्षक को डेडवुड के रूप में घोषित किया है। न सिर्फ उसके पास अनुभव की कमी थी, बल्कि वह गैर तकनीकी विषयों में विशेषज्ञता प्राप्त है।

अशरफ के अनुसार वह यह जानना चाहते हैं कि उस लेक्चरर को तकनीकी विषय के मूल्यांकन का काम किसने सौंपा था। उसके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार एक व्यक्ति को दंडित कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है।
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