सोमवार को कटड़ा में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में मारी गई महिला पायलट सुमिता विजयन जिंदा हैं। यह कोई करिश्मा नहीं बल्कि मीडिया द्वारा एक गलती की वजह से ऐसा हुआ है।
कल इस हादसे में मारी गई सुमिता विजयन जो फोटो समाचार पत्रों और चैनलों पर चलाया गया था। दरअसल वह गलत फोटो निकला है।
जिस सुमिता विजयन का फोटो लगाया है वह इस समय दुबई है और जिंदा हैं। सुमिता विजयन ने इंडियन एयरलाइन्स आइडियल स्कूल से शिक्षा प्राप्त की है।
मीडिया ने जल्दबाजी के चक्कर में गलत सुमिता विजयन का फोटो छाप दिया। यह सुमिता विजयन त्रिशूर (केरल) की रहने वाली हैं।
फेसबुक अकाउंट पर मीडिया को जमकर सुनाया
मीडिया-बिरादरी ने कटड़ा में हेलीकॉप्टर सेवा देने वाली कंपनी हिमालयन हेली सर्विस और श्राइन बोर्ड की बिना प्रमाणिकता के यह फोटो चला दिया।
जब सुमिता विजयन को इस बात की पता चला कि उनकी फोटो कटड़ा हादसे में मारी गई पायलट के रुप में चल रही है तो उसका उन्होनें अपने फेसबुक अकाउंट पर मीडिया को जमकर सुनाया।
सुमिता विजयन ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा कि, मीडिया पर विश्वास ना करें। मीडिया द्वारा फैलाई गई बकवास पर विश्वास ना करें। मैं जिंदा हूं और सांस ले रही हूं।
हिमालयन हैली सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर प्रहलाद सिंह ने 'अमर उजाला' से बात करते हुई इस बात की पुष्टि की है कि जिस फोटो को चलाया गया है वह उनकी कंपनी में काम नहीं करती है। कंपनी सुमिता विजयन के दूसरे फोटो को सही बताया है।
हजारों की जान बचा गई सुमिता विजयन
हिमालयन हेली सर्विस की महिला पायलट 45 वर्षीय सुमिता विजयन मरते-मरते भी अपनी सूझबूझ से हजारों लोगों की जिंदगी बचा गईं। दरअसल जिस जगह हेलीकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ उसके आस-पास घनी बस्ती थी।
धर्मनगरी में यदि हेलीकाप्टर इन बस्तियों पर गिरता तो हजारों लोगों की जान जा सकती थी, लेकिन सुमिता ने तत्काल फैसला लेते हुए हेलीकाप्टर को ऐसी जगह पर गिराया जो खाली था और आबादी नहीं थी। इस स्थान पर नए बस स्टैंड का निर्माण किया जाना था।
हादसे में मारी गई महिला पायलट 45 वर्षीय सुमिता विजयन हिमालयन हेली सर्विस की चीफ पायलट थीं। उन्हें हेलीकाप्टर उड़ाने का खासा तजुर्बा था। वह कटड़ा से हिमालयन की चॉपर सेवा शुरू होने के समय से ही यहां थीं। बताया गया कि सुमिता सोमवार को ही अवकाश से वापस लौटी थीं। वे नौ उड़ानें मुकम्मल कर चुकी थीं। यह उनका दसवां फेरा था।