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J&K Election: राजनीति की अगली पीढ़ी, चुनावी मैदान में उत्तराधिकारी, नेताओं के परिवारजन बने प्रचार नायक

Tue, 10 Sep 2024 01:20 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में नेताओं के परिवारजन, जिनमें बेटे, बेटियां और रिश्तेदार शामिल हैं, सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपने परिजनों के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
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नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनावों के पहले चरण के मतदान की तैयारी तेज हो गई है। इस चुनावी महासंग्राम में जहां एक तरफ बड़े नेता अपने प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके परिवार के सदस्य भी चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। राजनीति के इस नए दौर में दिग्गज नेताओं के पुत्र-पुत्रियां और परिवार के अन्य सदस्य चुनावी रण में अपने-अपने तरीके से उतरे हैं।
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उमर अब्दुल्ला के बेटे जमीर और जहीर का  प्रचार
नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला की ओर से गांदरबल और बड़गाम विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़े जा रहे हैं। उनके बेटे जमीर और जहीर भी इस बार राजनीति के मंच पर अपने पिता के समर्थन में सक्रिय हैं। वे केंद्र सरकार पर कश्मीर के सेब बागवानों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा रहे हैं और अपने पिता की विजय को सुनिश्चित करने के लिए पूरे दमखम से प्रचार कर रहे हैं।

जीए मीर के बेटे नसीर मीर ने संभाली प्रचार की कमान
पूर्व विधायक और कांग्रेस के उम्मीदवार जीए मीर के बेटे नसीर मीर भी अपने पिता की जीत के लिए जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं। नसीर चुनाव प्रचार की कमान खुद संभालते हुए भाजपा और अन्य स्थानीय पार्टियों के खिलाफ तीखे हमले कर रहे हैं। वे युवाओं को जोड़ने और जनसभाओं के माध्यम से अपने पिता के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।
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इंजीनियर रशीद के बेटे अबरार रशीद का आक्रामक अभियान
जेल में बंद सांसद इंजीनियर रशीद का बेटा अबरार रशीद अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार कर रहा है। अबरार नेशनल कॉन्फ्रेंस पर सबसे ज्यादा अक्रामक रुख अपना रहे हैं। त्राल में एक जनसभा में अबरार ने कहा कि पीएसए लाने वाली नेका ही थी और आज वह इसे हटाने की बात कह रही है। नेकां लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। वहीं पीडीपी को भाजपा के साथ गठबंधन करने पर आड़े हाथ ले रहे हैं। वे अपने चाचा के चुनावी अभियान में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

सर्जन बरकती की बेटी सुभ्रा बरकती का संघर्ष
गांदरबल से उमर अब्दुल्ला के खिलाफ चुनाव लड़ रहे सर्जन बरकती की बेटी सुभ्रा बरकती भी चुनावी मैदान में हैं। वह अपने पिता के लिए प्रचार करते हुए पारंपरिक राजनीतिक दलों पर कश्मीर की बर्बादी का आरोप लगा रही हैं और जनता से समर्थन मांग रही हैं। इस चुनावी महाकुंभ में नेताओं के परिवारों की सक्रियता यह दर्शाती है कि राजनीति की अगली पीढ़ी अब पूरी ताकत के साथ सामने आ रही है।
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