जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान को एक दिन शेष है। अंतिम दिन प्रचार का शोर थमने से पहले प्रत्याशियों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंकी। जम्मू पश्चिम सीट पर कई प्रोजेक्ट अधूरे होने से लोग निराश दिखे। कमोबेश यही हाल मढ़ और जम्मू पूरब में भी दिखा। तीनों सीटों के समीकरण बताती अतुल भारद्वाज की रिपोर्ट।
जम्मू पश्चिम विधानसभा का करीब 90 फीसदी भाग शहरी है। ऐसे में यहां नागरिक सुविधाओं का बेहतर होने की उम्मीद भी लाजमी है। इसके उलट यहां बंद पड़ी स्ट्रीटलाइट से लेकर नालियों पर अतिक्रमण की वजह से जलभराव जैसी समस्याओं से लोग जूझ रहे हैं। विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें भी बातचीत में सामने आती हैं।
साइंस कॉलेज के पास चुनावी चर्चा में शामिल विक्की बताते हैं कि पिछले महीनों में यहां सड़क किनारे फुटपाथ और स्ट्रीटलाइट के काम हुए। स्मार्ट सिटी के नाम पर जब काम हुए तो बड़े-बड़े दावे क्षेत्र के चमचमा जाने के लिए हुए। अब हकीकत यह है कि जो सुंदर सी स्ट्रीटलाइट यहां लगी हैं, उनमें से कई जलती नहीं हैं। एक तरफ यहां अंधेरा छाया रहता है। दूसरी तरफ अंधेरा करने की तैयारी बिजली अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर लगाकर कर दी है। उनकी वजह से बिल कई गुणा तक बढ़ गए। इस बीच एक प्रत्याशी का बड़ा जुलूस यहां से गुजरा। उनके एक साथी ने जुमला उछाला। अभी पूरे दलबल के साथ दिख रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि चुनाव के बाद नहीं मिलेंगे। पिछले 10 साल में भी यही हुआ।
जम्मू पश्चिम विधानसभा की ही रेशम घर कॉलोनी में भी कमोबेश यही कहानी मिली। यहां आंबेडकर पार्क में इकट्ठा लोगों ने बताया कि पिछले कई साल से पार्क की जमीन पर स्मार्ट सिटी के नाम पर कॉलोनी के अंदर ही भूमिगत पार्किंग संग कम्युनिटी हॉल बनना शुरू हुआ। तीन मंजिल का यह प्रोजैक्ट पांच मंजिल तक तो पहुंच गया लेकिन काम अधूरा ही है। अधिकारी भी इसके बारे में बात नहीं करते हैं। समाजसेवी पवन शर्मा ने आरोप लगाया कि यह केवल भ्रष्टाचार करने के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया गया। केवल इसी में नहीं पार्क में हुए कामों तक में इसी तरह भ्रष्टाचार हुआ। लोगों को खुद पैसा इकट्ठा कर यहां से पानी निकालने का उपाय करना पड़ा। नालियां बनाने से लेकर स्ट्र्रीटलाइट तक में भ्रष्टाचार हुआ। अधिकारी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं। छोटी सी चीज है। स्ट्रीटलाइट का स्विच। यह तक नगर निगम के पास नहीं होता।
भाजपा के सामने सबसे अधिक चुनौती
वर्ष 2008 में सीट बनने के बाद से ही जम्मू पश्चिम भाजपा का गढ़ रहा है। 2008 और 2014 दोनों चुनाव में यहां से भाजपा ही चुनाव जीती। दोनों बार यहां से भाजपा ने नए प्रत्याशी उतारे। अबकी बार भी पार्टी ने प्रत्याशी बदला। इस बार दांव संगठन में शामिल अरविंद गुप्ता पर लगाया गया है। उनके खिलाफ कांग्रेस से दावेदारी मनमोहन सिंह कर रहे हैं। इससे पहले वह मेयर का चुनाव भी लड़ चुके हैं लेकिन एक वोट से हार गए थे। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में वह काफी सक्रिय रहे हैं।
प्रत्याशी
अरविंद गुप्ता (भाजपा)
मनमोहन सिंह (कांग्रेस)
कौन कब जीता
- 2008 में भाजपा से चमन लाल गुप्ता
- 2014 में भाजपा से सतपाल शर्मा
मतदाता
कुल-105852
53616 पुरुष
52236 महिलाएं
मतदाताओं के मुद्दे
- स्मार्ट मीटर से बिजली बिल बढ़े
- पर्यटक बढ़ाने के लिए प्रयास नहीं
- सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार
दस साल में क्या मिला
- अखनूर रोड पर फ्लाईओवर
- स्मार्ट सिटी में फुटपाथ, सड़कों के काम
- ड्रेनेज सिस्टम ठीक कराने पर काम