जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस टिकट से गांदेरबल सीट से नामांकन-पत्र भर चुके मो. यूसुफ भट्ट ने अपने हलफानामे में बेटी को बोझ बताया है।
यही नहीं, पत्रकारों ने जब उनसे सवाल किया तो उन्होंने बताया कि बेटा कमाता है और अपने परिवार के साथ खुश है लेकिन बेटी का निकाह उन्हें ही कराना है और यह एक तरह का बोझ ही है, क्योंकि वह मुझ पर ही आश्रित है।
हालांकि विवाद बढ़ने पर भट्ट ने सफाई दी कि उनके हलफनामे की गलत ढंग से व्याख्या की गई है। बेटियां घर की रोशनी होती हैं। पता को बेटी की शिक्षा- विवाह पर खर्च करना होता है। निकाह के पहले वह पिता पर आश्रित होती है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर इसे शर्मनाक बताया है, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के जुनैद मट्टू ने कहा, 'मेरे समझ से यह परे है कि ऎसे लोगों को कांग्रेस ने टिकट दिया है।
The Cong candidate from Ganderbal while declaring his assets says his three unmarried daughters are a liability. #Shame on him.— Omar Abdullah (@abdullah_omar) November 11, 2014
कांग्रेस को इसका जवाब देना चाहिए।'इस पूरे मामले को बढ़ता देख कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी ने पार्टी उम्मीदवार का बचाव करते हुए कहा कि भट्ट ने गलत शब्द का इस्तेमाल किया। अंग्रेजी की सही समझ नहीं होने के कारण यह गलती हुई।