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जम्मू-कश्मीर: कश्मीर में मुहर्रम के जुलूस निकालने की अनुमति को लेकर असमंजस

Thu, 12 Aug 2021 11:17 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

शिया समुदाय के धार्मिक नेता ने कहा- प्रशासन अनुमति के संबंध में सुनाए स्पष्ट फैसला।
मुहर्रम (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार
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कश्मीर में शिया समुदाय के लोगों में मुहर्रम के जुलूस को निकालने को लेकर असमंजस की स्थिति है। कुछ दिन पूर्व यह बात सामने आई थी कि 30 वर्षों से जिस जुलूस पर प्रतिबंध लगाए गए थे, सरकार ने आंशिक तौर पर प्रतिबंध हटा दिया है। लेकिन यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि जुलूस निकालने दिए जाएंगे या नहीं। अनुमति को लेकर नेशनल कांफ्रेंस और शिया समुदाय के एक नेता ने सरकार पर सवाल खड़े किए थे। इस प्रयास को आपसी फूट डालने की रणनीति भी करार दिया था।



कुछ दिन पूर्व प्रशासन द्वारा कहा गया था कि जुलूस को निकालने के लिए विशेष रूट मैप तैयार किया गया है। लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार जुलूस को लेकर उन्हें किसी तरह के निर्देश नहीं है । उधर, शिया समुदाय के एक धार्मिक नेता आगा सैयद हस्सान मोसवी ने विशेष बातचीत में कहा कि अभी प्रशासन की ओर से स्पष्ट फैसला सामने नहीं आया है। अभी भी हम दुविधा में हैं कि जुलूस निकालने की अनुमति होगी या नहीं। क्योंकि जिला स्तर पर प्रशासन का कहना है कि कोविड प्रोटोकॉल के चलते पाबंदियां होंगी। इसलिए समुदाय के लोगों को असमंजस से बाहर निकाला जाए।

समुदाय के लोगों से भी गुजारिश है कि मुहर्रम के जलूस के दौरान अमन शांति बनाए रखें और कोविड प्रोटोकॉल का भी पालन करें। उधर, बडगाम जिले के एसएसपी ताहिर सलीम ने शिया समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की हैं औरकोविड एसओपी का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया हैं। इसके अलावा उन्होंने 25 टीकाकरण वाले व्यक्तियों को सभाओं में शामिल करने का अनुरोध किया है। इस बीच पुलिस के एक आला अधिकारी ने कहा कि उन्हें कोई निर्देश नहीं मिला है कि जुलूस निकलने देना है या नहीं। इस पर प्रशासनिक स्तर पर ही फैसला लिया जाएगा।


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गौरतलब है कि शिया समुदाय के लोग मुहर्रम के छठे दिन (इस बार 15 अगस्त को है) से 12वें दिन तक जुलूस निकालते हैं। मुहर्रम का महीना इस्लामी साल का पहला महीना होता है। यह अंतिम पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है।

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