सरकार की अनिश्चितता से रियासत के बजट की तैयारियों को झटका लगा है। पूर्व घोषणा के अनुसार माह के दूसरे सप्ताह में वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू ने उद्यमियों और कारोबारियों के साथ बैठक करनी थी।
इसमें वित्त मंत्री ने पहली प्री बजट मीटिंग में उनसे लिए सुझाव और प्रस्तावों पर लिए गए फैसलों पर उन्हें अवगत करवाना था, लेकिन प्री बजट मीटिंगों पर विराम लगने से उद्यमी और व्यापारी भी संशय में हैं।
चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रेसीडेंट राकेश गुप्ता का कहना है कि 14 से 15 जनवरी तक डा. द्राबू ने उनके साथ मीटिंग करनी थी, लेकिन सरकार की अनिश्चितता के कारण अब बैठक की संभावनाएं धूमिल हो गईं हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार प्री बजट मीटिंग में सरकार के साथ उद्यमियों और कारोबारियों की अच्छी बातचीत हुई थी और उन्हें काफी उम्मीदें बंधी थीं। सरकार न बनने से वह भी पसोपेश में हैं।
खास बात यह है कि वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट से पहले प्रदेश का बजट पेश करने की योजना बनाई थी। इसी कारण बजट सत्र 18 जनवरी से शुरू होना था, जबकि 22 जनवरी को बजट पेश किया जाना था।
वित्त मंत्री डा. द्राबू ने कहा था कि केंद्र सरकार से पहले जनवरी में ही बजट पेश करने का कारण केंद्र को कुछ बिंदुओं पर संकेत देना था, ताकि केंद्रीय बजट में उन बिंदुओं पर गौर किया जा सके, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में बजट सत्र आगे खिसकने के आसार से उन योजनाओं पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
जानकारों का कहना है कि यदि नई सरकार का गठन हो जाता है तो बजट जल्द पेश किया जा सकता है, क्योंकि बजट की तैयारियां लगभग पूरी हैं।