जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने बुधवार रेल भवन के नजदीक प्रदर्शन किया। महबूबा मुफ्ती अपने समर्थकों के साथ जम्मू-कश्मीर प्रशासन के अतिक्रमण विरोधी अभियान का विरोध दर्ज कराने के लिए नई दिल्ली पहुंची थी। उनकी योजना रेल भवन से विजय चौक पर मार्च निकालने की थी। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील इलाके में प्रदर्शन करने की पुलिस ने इजाजत नहीं दी।
पुलिस ने उनको समझाकर वापस लौटाने की कोशिश की, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री इसके लिए तैयार नहीं की। उनका कहना था कि जम्मू-कश्मीर में गुंडा राज है और उनके प्रदेश को अफगानिस्तान की तरह नष्ट किया जा रहा है। साथ ही वह आगे बढ़ने की कोशिश करती रहीं। रोकने के बाद जब उन्होंने पुलिस की सलाह नहीं मानी तो 14 समर्थकों के साथ महबूबा मुफ्ती को हिरासत में लेकर मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि महबूबा मुफ्ती और उनके समर्थकों को हिरासत में लिया गया था। आधे घंटे बाद सबको छोड़ दिया गया।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महबूबा मुफ्ती अपने समर्थकों के साथ रेल भवन मेट्रो स्टेशन से करीब 12:50 बजे बाहर आई। वह रफी मार्ग होते हुए कर्तव्य पथ पर पहुंची। सुरक्षा के लिहाज से अतिसंवदेनशील इलाके में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में भारी संख्या में पुलिस बल भेजा गया।
पुलिस ने समझाकर वापस लौटाने की कोशिश की, लेकिन वह विजय चौक की तरफ बढ़ने लगीं। संसद सत्र चलने की वजह से उस तरफ जाते प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना पड़ा। इसका प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया। इस दौरान दोनों तरफ से धक्का मुक्की भी हुई। महिला पुलिस कर्मियों ने महबूबा मुफ्ती को उठाकर बस में बैठाया।