हाल के समय में जिस तरह से इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन ने अंतरिक्ष कार्यक्रमों में सफलता पाई है, उससे पूरी दुनिया में देश का मान बढ़ा है। विज्ञान के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा देश वैश्विक पटल पर आकर्षण का केंद्र बन गया है।
राज्यपाल एनएन वोहरा ने यह बातें कश्मीर यूनिवर्सिटी में आयोजित एस्ट्रोनामिकल सोसाइटी आफ इंडिया की 34वीं वार्षिक बैठक में कहीं। वोहरा ने कहा इसरो के एस्ट्रोसेट प्रक्षेपण से अब संबंधित जानकारियां जुटाने और जलवायु परिवर्तन का अध्ययन करने में आसानी होगी।
आयोजन को महत्वपूर्ण बताते हुए राज्यपाल ने कहा कश्मीर यूनिवर्सिटी, एएसआई और वैज्ञानिकों के एक मंच पर जुटने से विज्ञान के क्षेत्र में व्यापक मदद मिलेगी। उन्हाेंने कश्मीर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से कहा कि वह बुर्जामा और सोपोर घाटी के पत्थराें का जायजा लेने के लिए विद्यार्थियों का दौरा करवाएं।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए इसरो के चेयरमैन डा. किरण कुमार और एएसआई के अध्यक्ष प्रो अजीत केंभावी ने देश में एस्ट्रोफिजिक्स के क्षेत्र में भावी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो खुर्शीद इकबाल अंद्राबी ने एस्ट्रोफिजिक्स से संबंधित गतिविधियों की जानकारी दी। बैठक के दौरान फिजिक्स विभाग के पूर्व एचओडी प्रो फारूक अहमद को एएसआई द्वारा सम्मानित किया गया।