1990 के दौर में जब आतंकवाद जम्मू कश्मीर में चरम पर था, उसी समय से दोनों आईएसआई एजेंट आतंकियों के संपर्क में थे। आरोपियों का कहना है कि यह जानकारी उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को दी थी, मगर वे इस बात पर विश्वास नहीं कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों का हैंडलर पाकिस्तान के पेशावर में बैठा हुआ है। वह कुछ समय में अपनी लोकेशन बदल लेता है। वह पाकिस्तान में भारत व पाकिस्तान सहित अन्य देशों के कई मोबाइल का प्रयोग कर रहा है।
हैंडलर अपने मोबाइल पर वाट्सऐप चलाने के लिए पाकिस्तान में वाई-फाई का प्रयोग करता है। वह किसी के भी वाईफाई को हैक कर ऐसा कर रहा है।