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आतंकियों की मौत के साथ हमलों की जांच भी हो रही दफन

Mon, 27 Feb 2017 11:00 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
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आतंकी हमले की जांच जारी - फोटो : डेमो फोटो
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जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले में आतंकियों के मरने के बाद जांच भी दफन हो रही है। रियासत में दो बड़े आतंकी हमलों में अब तक जांच एजेंसियां सिर्फ हवा में ही हाथ पैर मार रही है। हकीकत यह है कि एजेंसियां अब तक इन हमलों की तह तक नहीं पहुंच पाई।
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यहां तक कि एजेंसियों के हाथ यह भी नहीं लगा कि आतंकियों ने कहां से और कैसे घुसपैठ की। उड़ी में आतंकी हमले में 19 जवान शहीद हो गए। आतंकियों ने जवानों को जिंदा जला दिया। इस हमले में चार आतंकी भी मार गिराए गए।

इसके बाद नगरोटा के सैन्य कैंप पर हमला हुआ, जहां दो अधिकारियों सहित सात सैन्य जवान शहीद हो गए। इस हमले में तीन आतंकी मारे गए। आतंकियों के पास कई तरह का सामान बरामद हुआ। दोनों ही हमलों की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक हाथ कुछ नहीं लगा। 
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आतंकियों के मरने के बाद जांच में हो रही है मुश्किलें

जांच - फोटो : demopic
दरअसल, आतंकियों के मरने के बाद एजेंसियों को उनके बारे कोई खास जानकारी हासिल नहीं हो पा रही। यदि कोई आतंकी जिंदा पकड़ा जाए तो एजेंसियों को कुछ हाथ लगता है। अलबत्ता हवा में ही जांच की जाती है। सूत्रों की मानें तो आतंकी इतनी जबरदस्त रणनीति के तहत आ रहे हैं कि एजेंसियों को उनके मरने के बाद कुछ पता ही नहीं चल पा रहा।

उधमपुर नरसू हमला और मुंबई आतंकी हमला ही जांच एजेंसियां सुलझा पाई। क्योंकि मुंबई में कसाब जिंदा पकड़ा और उधमपुर में नावेद को जिंदा पकड़ा। सुरक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि आतंकी जिंदा पकड़ा जाए तो एजेंसियां कुछ पता कर पाती हैं, जबकि आतंकियों के मरने के बाद उनके साथ कुछ हाथ नहीं लगा।

सूत्रों का कहना है कि एनआईए ने उड़ी हमले में पकड़े दो संदिग्धों को छोड़ दिया। जबकि नगरोटा हमले में भी एक संदिग्ध पकड़ा गया था जिसे बाद में छोड़ दिया गया। 
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