जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले में आतंकियों के मरने के बाद जांच भी दफन हो रही है। रियासत में दो बड़े आतंकी हमलों में अब तक जांच एजेंसियां सिर्फ हवा में ही हाथ पैर मार रही है। हकीकत यह है कि एजेंसियां अब तक इन हमलों की तह तक नहीं पहुंच पाई।
यहां तक कि एजेंसियों के हाथ यह भी नहीं लगा कि आतंकियों ने कहां से और कैसे घुसपैठ की। उड़ी में आतंकी हमले में 19 जवान शहीद हो गए। आतंकियों ने जवानों को जिंदा जला दिया। इस हमले में चार आतंकी भी मार गिराए गए।
इसके बाद नगरोटा के सैन्य कैंप पर हमला हुआ, जहां दो अधिकारियों सहित सात सैन्य जवान शहीद हो गए। इस हमले में तीन आतंकी मारे गए। आतंकियों के पास कई तरह का सामान बरामद हुआ। दोनों ही हमलों की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक हाथ कुछ नहीं लगा।